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हरीश रावत का नवजोत सिद्धू को झटका, पंजाब में कैप्टन ही होंगे ‘कैप्टन’

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पंजाब का सियासी संकट देहरादून में सुलझाया जा रहा है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा समेत कई अन्य नेता देहरादून में कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत से मुलाकात करने पहुंचे हैं।

पिछले कुछ दिनों से पंजाब कांग्रेस में बना हुआ सियासी संकट एक बार फिर से सामने आ गया है। पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ फिर एक बार नाराजगी सामने आई है। कैप्टन को हटाए जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। सियासी तूफान खड़ा होने के बाद पंजाब कांग्रेस के चार बड़े नेता देहरादून पहुंचे हैं। यहां वो कांग्रेस के प्रभारी और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत के साथ मुलाकात कर रहें हैं।

पंजाब सरकार के चार मंत्री तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखविंदर सिंह रंधावा, सुख सकारिया व चरनजीत चन्नी और तीन विधायक कुलवीर जीरा, बरीन्द्रजीत पहाड़ा व  सुरिंदर धीमान आईएसबीटी स्थित एक होटल में रुके हुए हैं। इसके साथ ही तीन विधायक भी पहुंचे हैं। इन सभी की मुलाकात हरीश रावत के साथ हुई है।

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पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ बैठक करते हरीश रावत।

बैठक में हिस्सा लेने के लिए पहुंचे हरीश रावत ने बैठक में जाने से पहले दावा किया कि पंजाब कांग्रेस के मनमुटाव को सुलझा लिया जाएगा। हरीश रावत ने साफ किया है कि 2022 का चुनाव कैप्टन के नेतृत्व में भी लड़ा जाएगा। हरीश रावत की माने तो पार्टी आलाकमान भी यही चाहता है।

हरीश रावत का ये बयान बेहद अहम माना जा रहा है। सिद्धु गुट के लिए ये साफ चेतावनी है। गौरतलब है कि नवजोत सिंह सिद्धु लगातार कैप्टन के खिलाफ झंडा उठाए हुए हैं। उनके कई समर्थक भी कैप्टन अमरिंदर के खिलाफ लॉबिंग करते रहें हैं।

पिछले कई महीनों से जारी अनिश्चितता के माहौल को दुरुस्त करने के लिए कांग्रेस ने हरीश रावत को कमान सौंपी है। हरीश रावत ने कहा है कि देहरादून आए विधायकों और मंत्रियों की बात सुन ली गई है साथ ही मैंने उन्हें अपनी बात भी सुना दी है। तीन घंटे तक चली बैठक के बाद देहरादून पहुंचे पंजाब कांग्रेस के नेताओं ने साफ किया है कि अगर उनकी बातें नहीं सुनी जाती हैं उनका अगला पड़ाव दिल्ली होगा।

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