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उत्तराखंड के लिए बड़ी उपलब्धि, इनको मिला साइंटिस्ट ऑफ द ईयर अवॉर्ड

A drug called leukoskin

देहरादून: कोरोना महामारी ने दुनियाभर को घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया। दुनिया को फिर से पटरी पर लाने के लिए वैज्ञानिकों ने दिन-रात एक कर काम किया। उन्हीें में एक वैज्ञानिक उत्तराखंड के भी हैं। उन्होंने कोरोना से लड़ाई में अहम भूमिका निभाई। ल्यूकोडर्मा की खोज के लिए भारतीय वैज्ञानिकों की दुनियाभर में सराहना की गई। इसकी खोज उत्तराखंड में की गई।

कोरोना महमारी से लड़ने में भारतीय वैज्ञानिकों की अहम भूमिका है। ठीक इसी तरह भारतीय वैज्ञानिकों ने ल्यूकोडर्मा को लेकर दुनिया में काफी सराहना बटोरी है। ल्यूकोस्किन नामक दवा से अब तक डेढ़ लाख से भी अधिक मरीज स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं यह इम्युनिटी बूस्टर के तौर पर काफी कारगर साबित हुई है।

इसके लिए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. हेमंत कुमार पांडेय को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने द साइंटिस्ट ऑफ द ईयर अवॉर्ड से सम्मानित किया है। उत्तराखंड के पिथौरागढ़ स्थित लैब में तैनात डॉ. पांडेय ने हिमालय क्षेत्र की जड़ी बूटियों पर अध्ययन के बाद ल्यूकोस्किन दवा को तैयार किया।

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