
चार दिन चलने वाला उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र इस बार डेढ़ दिन में ही खत्म हो गया। गैरसैंण के भराड़ीसैंण में शुरू हुआ ये सत्र शोर-शराबे की भेंट चढ़ गया। विपक्ष के हंगामे ने सदन का माहौल कई बार गरमाया, लेकिन इसी अफरा-तफरी के बीच सरकार ने सभी 9 विधेयक और 5315 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट धड़ाधड़ पास करा लिया।
विपक्ष के हंगामे के बीच सदन बार-बार स्थगित
सत्र की शुरुआत से ही कांग्रेस और विपक्षी विधायकों ने सरकार को घेरने का मोर्चा खोल दिया। तीखे आरोप-प्रत्यारोप, टेबल थपथपाने और नारेबाज़ी के बीच कई बार कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी। निर्दलीय विधायक संजय डोभाल भी विपक्ष के साथ धरना-प्रदर्शन में शामिल हो गए। माहौल तब और बिगड़ गया जब कांग्रेस विधायक सुमित हृदयेश ने गुस्से में सदन के अंदर कागज़ फाड़कर उछाल दिए।
हंगामे में भी पास हुए अहम विधेयक
- समान नागरिक संहिता, उत्तराखंड (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड साक्षी संरक्षण (निरसन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड (उत्तर प्रदेश श्री बद्रीनाथ एवं श्री केदारनाथ मंदिर अधिनियम, 1939) (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड पंचायतीराज (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा विधेयक 2025
- उत्तराखंड धर्म स्वतंत्रता एवं विधि विरुद्ध धर्म परिवर्तन प्रतिषेध (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड निजी विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2025
- उत्तराखंड लोकतंत्र सेनानी सम्मान विधेयक, 2025
सरकार ने एक ही झटके में पास कराए सभी विधेयक
सरकार ने विपक्षी हंगामे के बीच एक ही झटके में सभी विधेयक और अनुपूरक बजट पास करा दिए। नतीजतन, कांग्रेस का शोर-शराबा सुर्खियों तक सीमित रह गया। लोग उम्मीद कर रहे गए कि गैरसैंण से पहाड़ के लिए बड़ी योजनाओं पर चर्चा होगी, लेकिन सदन हंगामे के शोर के बीच सिमट गया।
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