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अब गढ़वाल में बढ़ी जंगल धधकने की रफ्तार, 24 घंटे में प्रदेश में आग की 40 घटनाएं आईं सामने

प्रदेश में जंगलों में आग लगने की घटनाएं कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। कुमाऊं से लेकर गढ़वाल कर जंगल धधक रहे हैं। जहां बीते दिनों कुमाऊं के जंगलों में ज्यादा आग की घटनाएं सामने आ रही थी तो वहीं अब बीते दो दिनों से गढ़वाल मंडल में ज्यादा जंगलों में आग लग रही है। बीते 24 घंटे प्रदेश में 40 आग की घटनाएं समने आईं हैं।

24 घंटे में प्रदेश में आग की 40 घटनाएं आईं सामने

प्रदेश में बीते 24 घंटे में आग की 40 घटनाएं सामने आईं हैं। जिसमें से सबसे ज्यादा 26 घटनाएं गढ़वाल मंडल से सामने आई हैं। जबकि कुमाऊं मंडल से 14 आग की घटनाएं सामने आईं हैं। बुधवार को हुी आग की घटनाओं में 46 हेक्टेयर से अधिक वन क्षेत्र प्रभावित हुआ है।

तापमान बढ़ने के साथ ही बढ़ रही जंगल की आग

प्रदेश में तापमान बढ़ने के साथ ही वनाग्नि की घटनाओं में भी इजाफा देखने को मिल रहा है। कुमाऊं मंडल में बुधवार को भूमि संरक्षण वन प्रभाग रानीखेत में एक, पिथौरागढ़ वन प्रभाग आरक्षित वन क्षेत्र में दो और सिविल वन क्षेत्र में पांच, तराई पूर्वी वन प्रभाग आरक्षित वन में दो, रामनगर वन प्रभाग में एक, नरेंद्र नगर वन प्रभाग में पांच, सिविल वन पंचायत क्षेत्र में दो और ल्मोड़ा वन प्रभाग में एक, बागेश्वर वन प्रभाग में दो वनाग्नि की घटनाएं सामने आईं हैं।

FOREST FIRE
केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय तक पहुंची आग——-

इसके साथ ही गढ़वाल मंडल में टिहरी बांध वन प्रभाग में तीन जगह आग लगी और सिविल सोयम पौड़ी वन प्रभाग में सबसे अधिक 14 स्थानों पर जंगल धधके। इसके साथ ही नरेंद्र नगर वन प्रभाग में पांच, सिविल वन पंचायत क्षेत्र में दो, मसूरी वन प्रभाग में एक और सिविल वन क्षेत्र में एक जगह आग लगी।

FOREST FIRE
टैक्सी स्टैंड के पास लगी आग—–

अब तक प्रदेश में 761 घटनाएं आईं सामने

अपर प्रमुख वन संरक्षक निशांत वर्मा के अनुसाक प्रदेश में इस साल फायर सीजन में अब तक जंगलों में आग की 761 घटनाएं सामने आईं हैं। आग तांडव हर ओर देखने को मिल रहा है। बुधवार को जंगल की आग केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर तक पहुंच गई। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। परिसर निदेशक सहित शिक्षकों, छात्रों व कर्मचारियों ने आग को परिसर में पहुंचने से रोका।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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