
अगर आप भी DigiLocker का इस्तेमाल करते हैं तो ये खबर आपके लिए है। सरकार ने लोगों को चेतावनी दी है कि डिजीलॉकर के नाम पर बड़ा स्कैम हो रहा है। हाल ही में फर्जी DigiLocker ऐप्स के बारे में भारतीय सरकार ने बताया है। सरकार ने कहा कि ये नकली ऐप्स यूजर्स को धोखा देकर उनकी संवेदनशील जानकारी और पैसे चुराने का कमा कर रहे हैं।
DigiLocker के नाम पर हो रहा ये बड़ा स्कैम
सरकार ने X (पूर्व में Twitter) पर पोस्ट कर फर्जी DigiLocker ऐप्स के बारे में लोगों को चेताया है। सरकार ने कहा, “सिर्फ एक ही असली DigiLocker ऐप है, जो नेशनल ई-गवर्नेंस डिवीजन, भारत सरकार द्वारा जारी किया गया है। किसी भी समान आइकॉन या सामान्य डेवलपर नाम वाले ऐप से बचें। डाउनलोड करने से पहले हमेशा दोबारा जांच करें और इस जानकारी को दूसरों के साथ शेयर करें।”
फर्जी DigiLocker ऐप गूगल प्ले पर है मौजूद
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने बताया कि गूगल प्ले स्टोर( Google Play Store) पर एक नकली “Digital Locker” ऐप है। जो कई यूजर्स को ठग चुका है। सरकार ने ये बात साफ की कि असली ऐप “National e-Governance Division, Government of India” द्वारा जारी किया गया है। ऐसे में कोई सामान्य दिखने वाला ऐप या फिर डेवलपर का नाम सामान्य लगे तो उसे डाउनलोड करने से पहले जांच कर लें।
कैसे होता है ये फ्रॉड?
दरअशल ये फर्जी ऐप्स रंग, इंटरफेस, और यहां तक की लोगो(Logo) भी असली ऐप जैसा ही बनाकर लोगों को ये विश्वास दिलाते है कि ये असली ऐप है। जैसे ही यूजर्स इसे असली ऐप समझकर इसका इस्तेमाल करता है। जिसके चलते वो अधिक संवेदनशील जानकारी साझा कर देते है और ठगी का शिकार हो जाते है।
ये डिजिटल सोशल इंजीनियरिंग का क्लासिक मामला है। जिसमें अपराधी यूजर्स का ध्यान भटकाता हैं। एक बार ऐप इंस्टॉल हो जाए तो अपराधी के पास यूजर की पर्सनल पहचान, उसकी वित्तीय जानकारी और डॉक्यूमेंट्स आदि हासिल कर सकता है।