मनी लॉन्ड्रिंग मामले में ईडी ने उत्तर प्रदेश के मेरठ से पुष्पांजलि रियलम्स एंड इन्फ्राटेक लिमिटेड के निदेशक राजपाल वालिया की पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। जिसके बाद उसे देहरादून के कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।
अपार्टमेंट बेचने के नाम पर धोखाधड़ी के आरोप
शनिवार को देहरादून से मेरठ पहुंची ईडी की टीम ने शैफाली वालिया को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जिसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। बता दें शैफाली पर देहरादून में फ्लैट अपार्टमेंट बेचने के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी के आरोप हैं। जिसके बाद ईडी ने प्रिवेंशन ऑफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत शैफाली के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 31.15 करोड़ की संपत्ति सीज की है।
करोड़ों की संपत्ति सीज
बता दें पुष्पांजलि रियलम्स एंड इन्फ्राटेक लिमिटेड के निदेशकों के खिलाफ अलग-अलग शिकायतों पर राजपुर रोड और डालनवाला थाने में मुकदमे दर्ज किए गए थे। ईडी ने निदेशक और अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मनी लॉन्ड्रिंग के तहत कार्रवाई शुरू की थी। इसी आधार पर कंपनी के निदेशक राजपाल वालिया और उनकी पत्नी शैफाली की संपत्तियों को सीज किया गया था।
कंपनी का मालिक फरार
मामले में कंपनी के मालिक दीपक मित्तल और उनकी पत्नी राखी मित्तल फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर है। पुष्पांजलि रियल एस्टेट के निदेशकों पर आरोप है कि देहरादून में फ्लैट अपार्टमेंट बेचने के नाम पर लोगों से करोड़ों की धोखाधड़ी की। दीपक मित्तल के खिलाफ इंटरपोल नोटिस और रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किए गए थे। बावजूद इसके मित्तल की गिरफ्तारी नहीं हो पाई थी। बता दें दीपक मित्तल पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया गया था।



