Big NewsUttarakhand

Dhami Cabinet : धामी कैबिनेट ने लिए ऐतिहासिक निर्णय, बेहद खास हैं ये तीन फैसले

सचिवालय में सीएम पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में शनिवार को धामी कैबिनेट की बैठक हुई। बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा की गई। मंत्रिमंडल की बैठक में कुल 12 प्रस्ताव आए। शनिवार को हुई कैबिनेट की बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। एक ओर जहां सहकारी समितियों की प्रबंध समिति में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण को मंजूरी मिली तो वहीं बैंकों से वेतन ले रहे कार्मिकों को अब दुर्घटना बीमा मिलने को भी मंजूरी मिल गई है।

धामी कैबिनेट ने लिए ऐतिहासिक निर्णय

धामी कैबिनेट ने महिलाओं के लिए ऐतिहासिक फैसला लिया है। मातृशक्ति के वंदन की कड़ी में सरकार ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कैबिनेट ने सहकारी समितियों में 33% पद महिलाओं के लिए सभापति और सदस्यों के लिए आरक्षित करने को मंजूरी दे दी है। बता दें कि अब तक एक समिति में दो पद होते थे लेकिन अब 21 तक पद हो सकते हैं।

धामी कैबिनेट के इस फैसले से जहां एक ओर सहकारी समितियों में परिवारवाद को खत्म करने में मदद मिलेगी तो वहीं दूसरी ओर महिलाएं सहकारिता से संबंधित फैसले लेने में भागीदार बनेंगी। इसी के साथ ये पहल करने वाला उत्तराखंड देश का पहला राज्य बन गया है।

बैंक कर्मियों को भी मिलेगा बीमा का लाभ

बैंक कर्मियों के लिए भी धामी कैबिनेट ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब बैंकों से वेतन ले रहे कार्मिक अब दुर्घटना बीमा के पात्र होंगे। यानी बैंक कर्मियों को भी बीमा का लाभ मिलेगा। बैंकों में काम करने वाले कर्मियों के किसी न किसी बैंक में खाता होता है। बैंक इन्हें सुविधा तो देता है लेकिन इन्हें बीमा का लाभ नहीं मिल पाता।

अब स्टेट बैंक, बड़ोदा, यूनियन और केनरा बैंक में जिन भी कर्मियों के खाते होंगे वो बीमा का पात्र होंगे। बता दें कि कर्मचारियों को एक्सीडेंटल बीमा 30 लाख से लेकर एक करोड़ तक मिलेगा। इसके साथ ही बीमा अपंगता में भी मिलेगा। इसके साथ ही बच्चों की शिक्षा की सुविधा भी मिलेगी इसके लिए अलग से कोई प्रीमियम नहीं देना होगा। इसके लिए प्रदेश के कर्मचारी लंबे समय से मांग कर रहे थे।

एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण के गठन को मिली मंजूरी

धामी कैबिनेट ने उत्तराखंड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण के गठन पर भी मुहर लगाई है। इससे संबंधित विधेयक को धामी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दे दी है। विधानसभा के आगामी सत्र में विधेयक को प्रस्तुत किया जाएगा। बता दें कि उत्तराखंड एकीकृत महानगर परिवहन प्राधिकरण का गठन यातायात की समस्या से जूझ रहे राज्य के नगरों में परिवहन के विकास, संचालन, रखरखाव, निगरानी व पर्यवेक्षण को विनियमित करने के लिए किया जा रहा है।

यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने के लिए लंबे समय से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही थी। बता दें कि इसका प्रस्ताव आवास विभाग ने केरल के मेट्रोपोलिटन ट्रांसपोर्ट अथारिटी अधिनियम की तर्ज पर तैयार किया है। प्राधिकरण का गठन राज्य स्तर पर ही होगा।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
Back to top button