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LUCC घोटाले में अब CBI जांच की मांग तेज, सात जिलों में दर्ज हैं केस

LUCC कोऑपरेटिव सोसायटी घोटाले में अब सीबीआई जांच की एंट्री हो सकती है. निवेशकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार दबाव बनाने के बाद इस घोटाले की गूंज राज्य से लेकर केंद्र तक पहुंच चुकी है.

उत्तराखंड के सात जिलों में दर्ज हैं LUCC सोसाइटी के खिलाफ केस दर्ज

बता दें सहकारिता मंत्रालय से कथित रूप से जुड़ी इस सोसाइटी ने आरडी, एफडी और एमआईपी जैसे स्कीमों के नाम पर करीब 2 लाख निवेशकों से 500 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है. LUCC के खिलाफ उत्तराखंड के सात जिलों में केस दर्ज हैं. अधिकांश शिकायतों में कहा गया है कि सोसाइटी ने निवेशकों को झूठे दस्तावेज और सहकारिता मंत्रालय से जुड़े होने का हवाला देकर भरोसे में लिया और पैसा जमा करवाया.

CBI जांच की मांग पकड़ रही जोर

सरकार पर अब यह दबाव है कि वह मामले की निष्पक्ष जांच के लिए इसे सीबीआई को सौंपे. कई निवेशकों ने आरोप लगाया है कि पुलिस और सहकारिता विभाग की कार्रवाई बेहद धीमी है और अब तक किसी बड़ी गिरफ्तारी या रिकवरी की खबर सामने नहीं आई है. बता दें LUCC सोसाइटी ने लोगों को अलग-अलग स्कीमों में मोटे ब्याज का लालच देकर लोगों को फंसाया था.

सोसाइटी ने दिया था बड़े ब्याज का दावा

सोसाइटी ने आरडी, एफडी और एमआईपी स्कीमों में 12% से 18% तक के ब्याज का दावा किया था. कई लोगों ने जीवन भर की कमाई इसमें लगा दी. शुरुआत में कुछ निवेशकों को रकम वापस भी मिली, जिससे भरोसा बना रहा, लेकिन बाद में पैसे लौटाने का सिलसिला पूरी तरह बंद हो गया. LUCC सोसाइटी ने अपने प्रचार में यह दावा किया कि वह सहकारिता मंत्रालय से मान्यता प्राप्त है, लेकिन शुरुआती जांच में साफ हो चुका है कि यह दावा भ्रामक था.

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Sakshi Chhamalwan

Sakshi Chhamalwan उत्तराखंड में डिजिटल मीडिया से जुड़ीं युवा पत्रकार हैं। साक्षी टीवी मीडिया का भी अनुभव रखती हैं। मौजूदा वक्त में साक्षी खबरउत्तराखंड.कॉम के साथ जुड़ी हैं। साक्षी उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल के साथ साथ, देश, दुनिया, और धर्म जैसी बीट पर काम करती हैं।
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