Religioushighlight

Chandra Grahan 2025: कब लगने वाला है चंद्र ग्रहण? 100 साल बाद ये दुर्लभ संयोग, जानें क्या करें?

Chandra Grahan 2025: साल का दूसरा चंद्र ग्रहण (Total lunar eclipse) रविवार 7 September 2025 को लगने वाला है। ज्योतिषाचार्य की माने तो ये पूर्ण चंद्र ग्रहण काफी शक्तिशाली है। पितृपक्ष के दौरान ये लग रहा है। जिससे ये रात के समय आकाश के साथ-साथ हमारी आत्मा को भी प्रभावित करता है।

Chandra Grahan 2025: कब लगने वाला है चंद्र ग्रहण?

इस बार वाले चंद्र ग्रहण को इसलिए खास माना जा रहा है क्योंकि ये वाला ग्रहण 100 वर्षों में एक बार आता है। साइंस की माने तो चंद्र ग्रहण जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तब लगता है। ऐसे में वो रोशनी रोक लेता है जिससे चंद्रमा ब्लड मून नजर आता है।

100 साल बाद ये दुर्लभ संयोग

सनातन परंपराओं की माने तो ग्रहण के समय कोई भी शुभ कार्य नहीं होता। इस दौरान पूजा-पाठ नहीं किया जाता। शास्त्रों की माने तो इस ग्रहणकाल में नकारात्मक ऊर्जा काफी सक्रिय होती है।

मंदिर के कपाट भी इस दौरान बंद किए जाते हैं। ग्रहण खत्म होते ही मंदिर का शुद्धिकरण किया जाता है। साथ ही भगवान को स्नान भी कराते है। इस साल का दूसरा चंद्र ग्रहण पितृ पक्ष के दौरान लग रहा है। ये पूर्वजों के सम्मान का एक बेहद ही खास ब्रह्मांडीय संयोग है।

सूतक काल और ग्रहण का समय

सूतक ग्रहण काल के शुरू होने से करीब 9 घंटे पहले लग जाता है। ऐसे में भारतीय समयानुसार ग्रहण 7 सितंबर को रात 9:58 से शुरू होकर 8 सितंबर को रात 1:26 मिनट 8 सितंबर को खत्म होगा। तो वहीं रात 11 बजे से 12 बजकर 22 मिनट के बीच आपको बल्ड मून देखने को मिलेगा।

ग्रहण खत्म होने के बाद क्या करें?

  • पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।
  • कपड़े धोएं।
  • घर को साफ करें।
  • जरूरतमंदों को दान दें।
  • भगवान की अराधना करें।

Disclaimer: यहां सूचना केवल मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। Khabar Uttarakhand इस जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी मान्यता को मानने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल मीडिया से जुड़ी युवा पत्रकार उमा कोठारी इस समय खबर उत्तराखंड.कॉम के साथ काम कर रही हैं। उमा अलग-अलग बीट पर खबरें लिखती हैं, जिनमें देश-दुनिया की राजनीतिक गतिविधियों की अहम खबरें, मनोरंजन, खेल और ट्रेंड से जुड़ी अपडेट शामिल हैं। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करते हुए वे ट्रेंड और तथ्य दोनों का संतुलन बनाए रखती हैं, ताकि पाठकों तक सही और ज़रूरी जानकारी पहुंचे।
Back to top button