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बद्रीनाथ में चढ़ावा उठाते दिखा कर्मचारी, FIR दर्ज, अब पुलिस करेगी जांच

श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली गई है। प्रमोद को पहले ही पद से निलंबित कर दिया गया था। प्रमोद को शुरुआती जांच में गलत तरीके से चढ़ावे में आए धन को ले जाते हुए देखा गया है।

पहले हुआ सस्पेंड, अब FIR दर्ज

दरअसल श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) में पिछले कई दिनों से चढ़ावे में आए धन के गलत तरीके से निकाले जाने के आरोप लग रहे थे। इसके बाद शुरुआती जांच में कई अनियमितताएं पाईं गईं। कई लैपटॉप स्टाक से गायब मिले तो CCTV में भी कुछ संदिग्ध गतिविधियां दर्ज हुईं।

शुरुआती जांच में श्री बदरीनाथ- केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल की गतिविधियां संदिग्ध मिलने के बाद जब जांच हुई तो कुछ और खुलासे हुए। सूत्रों के मुताबिक प्रमोद गलत तरीके से चढ़ावे का धन ले जाते हुए सीसीटीवी में दिख रहे हैं। इसी के बाद केटीसी की शिकायत पर बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। बीकेटीसी के मंदिर अधिकारी युद्धवीर पुष्पवान की लिखित तहरीर पर 8 जुलाई 2026 को FIR संख्या 0006 दर्ज की गई है। BNS की धारा 306 और 316(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

तहरीर में धन उठाने की पुष्टि

बीकेटीसी की तरफ से मिली तहरीर के मुताबिक, 2 जुलाई 2026 को सोशल मीडिया के माध्यम से बदरीनाथ मंदिर में हुई कथित वित्तीय अनियमितता की सूचना मिलने के बाद मंदिर समिति ने मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई थी। इस कमेटी की प्रारंभिक जांच में संबंधित कार्मिक प्रमोद नौटियाल द्वारा प्रथम दृष्टया मंदिर धनराशि को सुबह करीब 9 बजे से 9:30 बजे के बीच कथित रूप से अनधिकृत तरीके से धनराशि उठाए जाने की पुष्टि होने का उल्लेख किया गया है।

पहले ही हो चुका है सस्पेंड

आपको बता दें कि एफआईआर दर्ज होने से कुछ देर पहले ही प्रमोद नौटियाल को सस्पेंड कर दिया गया था। इस संबंध में आदेश आ गए थे। सीएम धामी के निर्देशों पर एक उच्च स्तरीय कमेटी का भी गठन किया गया है। दरअसल प्रमोद नौटियाल के विरुद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में प्रथम दृष्टया गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आने पर 03 जुलाई 2026 को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। साथ ही मामले की निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच के लिए चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया गया।

तीन सदस्यों की कमेटी गठित

उत्तराखण्ड शासन ने मामले की गहन जांच के लिए तीन सदस्यीय उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। समिति के अध्यक्ष आयुक्त गढ़वाल मंडल होंगे। समिति में प्रबंध निदेशक, एनएचएम संदीप तिवारी तथा कार्यालय महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के निदेशक (वित्त) जगत सिंह चौहान सदस्य के रूप में शामिल किए गए हैं।

सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ब्याल द्वारा जारी आदेश के अनुसार समिति मंदिर में प्राप्त होने वाले दान-चढ़ावे से संबंधित कथित अनियमितताओं की विस्तृत जांच करेगी तथा 15 दिनों के भीतर अपनी जांच आख्या एवं संस्तुतियां शासन को प्रस्तुत करेगी।

जांच के दौरान आवश्यकता पड़ने पर समिति किसी भी अधिकारी, विशेषज्ञ अथवा अन्य संबंधित व्यक्ति का सहयोग एवं परामर्श प्राप्त कर सकेगी। साथ ही समिति दान-चढ़ावे के प्रबंधन तंत्र को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी एवं प्रभावी बनाने के लिए आवश्यक सुधारात्मक उपायों एवं सुझावों से भी शासन को अवगत कराएगी।

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