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बड़ी खबर : केंद्र सरकार को नहीं जानकारी, कितने प्रवासी श्रमिकों की हुई मौत

68 days nationwide lockdown

नई दिल्ली : कोरोना वायरस महामारी के बीच संसद का मानसून सत्र शुरू हो गया है। कार्यवाही में हिस्सा लेने वाले सांसदों का रविवार को कोविड परीक्षण किया गया। निगेटिव रिपोर्ट वाले सांसद कार्यवाही में हिस्सा ले रहे हैं। वहीं सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मुझे विश्वास है कि सभी सांसद मिलकर यह संदेश देंगे कि पूरा देश जवानों के साथ खड़ा है जो सीमा पर डटकर मातृभूमि की रक्षा कर रहे हैं। इसके अलावा केंद्र सरकार ने लोकसभा में कहा कि उसके पास प्रवासी श्रमिकों की मौत का कोई आंकड़ा उपलब्ध नहीं है।

केंद्र सरकार ने संसद में सोमवार को कहा कि 68 दिन के राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के दौरान जान गंवाने वाले प्रवासी श्रमिकों की संख्या पर कोई डाटा उपलब्ध नहीं है। केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय से लोकसभा में जानकारी मांगी गई थी कि क्या सरकार को इस बात की जानकारी है कि कितने प्रवासी श्रमिकों ने अपने मूल निवास लौटने की कोशिश में जान गंवाई और क्या राज्यवार आंकड़ा मौजूद है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, ‘अधिकांश दलों के नेताओं ने 30 मिनट के प्रश्नकाल और शून्यकाल पर सहमति व्यक्त की। उसके बाद यह फैसला किया गया था कि संसद की कार्यवाही चलेगी, उसमें प्रश्नकाल नहीं होगा। हमने आपको (अध्यक्ष) इससे अवगत कराया कि आपके द्वारा कौन सा निर्णय लिया गया है। मैं सदन के सभी सदस्यों से अपील करता हूं कि असाधारण स्थिति में सत्र आयोजित किया जा रहा है। इसमें आप सभी का सहयोग चाहिए।

कांग्रेस के नेता-प्रतिपक्ष अधीर रंजन चौधरी ने कहा, ‘प्रश्नकाल स्वर्णिम घंटा है लेकिन आप कहते हैं कि परिस्थितियों के कारण इसे चालू नहीं रखा जा सकता है। आप संसद की कार्यवाही का संचालन कर रहे हैं लेकिन प्रश्नकाल को समाप्त कर दिया। आप लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास कर रहे हैं।’

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