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उत्तराखंड में गजब का कारनामा, छुट्टी के दिन चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी ने काटा चालान, भेजा माल

सितारगंज : प्रदेश के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टालरेंस के लाख दावे करें लेकिन खाद्य विभाग उनकी मंशा पर पलीता लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहा है। राशन की कालाबाजारी के लिए पहले से ही चर्चा में रहे एसएमआई कार्यालय का एक नया कारनामा सामने आया है। द्वितीय शनिवार के अवकाश के दिन चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने कार्यालय खोलकर राइस मिलर्स के लिए चावल के 14 चालान काट दिये। उनमें किसी अधिकारी के हस्ताक्षर न होने के बावजूद चावल के ट्रक आरएफसी के गोदाम में भेज दिये गये। वहां पांच गाड़ियां उतार भी दी गई। बाद में हो हल्ला मचने पर वाहनों की अनलोडिंग रोक दी गई। बाद में एसडीएम ने मामले की जांच की।

वरिष्ठ विपणन अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर खेला खेल

शनिवार को एसएमआई ऑफिस से बिना हस्ताक्षर के 14 चालान बनाकर राइस मिलर्स को दे दिए गए। तब वरिष्ठ विपणन अधिकारी कार्यालय में कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। इतना ही नहीं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने चालान का रिकार्ड कार्यालय के रजिस्टर में भी दर्ज किया। चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने यह खेल वरिष्ठ विपणन अधिकारी की कुर्सी पर बैठकर खेला। वह भी तब जब यहां एक के बजाय दो वरिष्ठ विपणन अधिकारी तैनात है। इसके बावजूद चालान पर एक भी अधिकारी के हस्ताक्षर नहीं थे।

पत्रकारों के पहुंचने से मचा हड़कंप 

राइस मिलर्स ने चालान लेने के बाद राइस मिलों से चावल लोड की 14 लाट संभागीय खाद्य नियंत्रण के वेयर हाउस स्थित गोदाम पंहुचा दी गई। जैसे ही इस घपले की जानकारी पत्रकारों को मिली तो उनकी टीम एसएमआई कार्यालय पहुंची। इस पर वरिष्ठ विपणन अधिकारी कार्यालय में मौजूद दो चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आनन-फानन में कार्यालय को ताला लगाकर फरार हो गए। बाद में पत्रकार आरएफसी गोदाम पहुंचे तो पता चला कि वहां बिना हस्ताक्षर के चालानों की पांच गाड़ियों का चावल उतार लिया गया। हालांकि पत्रकारों के पहुंचने से वहां हड़कंप मच गया और अन्य वाहनों की अनलोडिंग बंद कर दी गई। इसी दौरान वहां पहुंचे एक राइस मिलर पत्रकारों पर ही भड़क गये। पत्रकारों ने गोदाम प्रभारी से बिना हस्ताक्षर के चालान से चावल उतारने के बारे में सवाल किया तो वह संतोशजनक जवाब नहीं दे सके।

उपजिलाधिकारी बचाव करते आए नजर

इस बारे में जब आरएफसी, डिप्टी आरएमओ को फोन किया तो उनके नंबर स्विच आफ आये।उपजिलाधिकारी गौरव कुमार गोदाम में पहुंचे व मामले की जांच की। इससे पूर्व एसएमआई ओम नारायण मिश्रा गोदाम में पहुंचकर चालानों पर हस्ताक्षर कर चुके थे। एसडीएम ने वहां चावल की गुणवत्ता जांची। उनका कहना था कि गुणवत्ता सही है। चूंकि आज ही चावल भेजना जरूरी था और एसएमआई किसी कारण नहीं आ सके तो बिना साइन के ही चालान भेज दिये गये। इस दौरान राइस मिलर्स का जमावड़ा लगा रहा। उल्लेखनीय है कि करीब छह माह पूर्व ग्राम मटीहा में भारी मात्रा में सरकारी सस्ते गल्ले का राशन पकड़ा गया था। इस मामले में कोटाधारकों के साथ ही अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है। अभी यह मामला चल ही रहा था कि यह बिना हस्ताक्षर के चालान के गोदाम में चावल भेजने का यह मामला सामने आ गया।

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