जवानों ने बर्फ हटाकर बनाया रास्ता, हेमकुंड साहिब पहुंची भारतीय सेना के जवानों की टीम

भारतीय सेना की 418 इंडिपेंडेंट फील्ड कंपनी (9 माउंटेन ब्रिगेड) की टीम और गुरुद्वारा हेमकुंड साहिब प्रबंधन ट्रस्ट के सेवादार आज हेमकुंड साहिब गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स तक पहुंच गए हैं।
हेमकुंड साहिब पहुंची जवानों की टीम
संयुक्त टीम ने गुरुद्वारा कॉम्प्लेक्स के द्वार गुरु से अरदास के बाद खोल दिए, जिससे अब टीम यहीं पर रहकर कार्य कर सकेगी। इससे पहले उन्हें हर शाम घांघरिया वापस लौटना पड़ता था। टीम अब हेमकुंड साहिब से अटलकोटी ग्लेशियर प्वाइंट तक नीचे की ओर ट्रैक को चौड़ा करने का काम करेगी, ताकि तीर्थयात्रियों के लिए मार्ग और अधिक सुगम व सुरक्षित हो सके।
कई देशों से ये कार्य कर रही भारतीय सेना
बता दें कई दशकों से भारतीय सेना हिमालय के दुर्गम इलाकों के बीच हर साल यह कार्य कर रही है। जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि हेमकुंड साहिब यात्रा सुरक्षित और सफल रहे। गुरुद्वारा प्रबंधन ने भारतीय सेना और सभी सेवादारों का आभार व्यक्त किया है।

20 मई को ऋषिकेश से रवाना होगा पहला जत्था
इस बार हेमकुंड साहिब के कपाट श्रद्धालुओं के लिए 23 मई को खोल दिए जायेंगे। तीर्थयात्रियों का पहला जत्था 20 मई को ऋषिकेश से रवाना किया जाएगा। बता दें हेमकुंड साहिब गढ़वाल हिमालय में लगभग 4,632 मीटर (15,200 फीट) की ऊंचाई पर स्थित एक अत्यंत पवित्र सिख तीर्थस्थल है, जो बर्फ से ढंके पर्वत शिखरों और स्वच्छ झील से घिरा हुआ है।