Mumbai Watermelon Case में बड़ा ट्विस्ट! दिमाग-दिल और आंतें हो गई थीं हरी, इस केस में थे गवाह

Mumbai Watermelon Case Update Forensic Test: हाल ही में मुंबई से कथित तौर पर तरबूज खाने से एक हंसते खेलते परिवार की मौत की खबर सुनकर हर कोई हैरान है। पायधुनी इलाके में डोडिया परिवार के चार लोगों की संदिग्ध मौत सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
इसी बीच अब इस मामले में एक चौंकाने वाला ट्विस्ट आया है। जिसमें पुलिस के शक को और भी ज्यादा गहरा कर दिया है। जहां शुरूआती जांच में परिवार को तरबूज खाने के बाद फूज पॉइजनिंग होने से मौत की आशंका जताई जा रही थी। तो वहीं अ डॉक्टरों को लग रहा है कि परिवार को जहर दिया हो सकता है।
तरबूज से मौत मामले में बड़ा ट्विस्ट! Mumbai Watermelon Case Update Forensic Test
दरअसल शुरुआती फोरेंसिक जांच से पता चला कि मृतकों के जरूरी अंग हरे रंग के हो गए थे। रिपोर्ट्स की माने तो सभी के दिमाग दिल और आंतों का रंग हरा था। विशेषज्ञों की माने तो ये स्थिति आम फूड पॉइजनिंग की नहीं है। ये उससे काफी अलग है।
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डॉक्टरों ने जताई जहर देने की आशंका
डॉक्टरों ने चारों लोगों को जहर देने की आशंका जताई है। डॉक्टरों का कहना है कि जब एक ही समय में कई अंगों में इस तरह का कुछ बदलाव दिखाई देता है तो ये इस बात को दर्शाता है कि शरीर में कोई जहरीला पदार्थ फैल गया है। इन खुलासों के बाद पुलिस का शक गहराता जा रहा है।
दिमाग-दिल और आंतें हो गई थीं हरी
इसके साथ ही मृत अब्दुल्ला के शरीर में मॉर्फीन के निशान भी मिले हैं। जिससे पुलिस को लग रहा है कि इन चारों की हत्या किसी साजिश के तहत की गई है। जिसे फूड पॉइजनिंग का रूप देने की कोशिश की गई।
गवाह बनना बना परिवार की मौत की वजह?
इसके साथ ही पुलिस को एक और सुराग मिला है। पुलिस ने अब्दुल्ला डोकाडिया के बिजनेस से जुड़ा लेन-देन और बैंकिंग ट्रांज़ैक्शन की भी जांच शुरू कर दी है। वो एक मामले में गवाह थे।
साल 2019 में डी.एन. नगर पुलिस स्टेशन में एक अपराध दर्ज किया था। एक महिला द्वारा जोगेश्वरी में रहने वाले एक रियल एस्टेट डेवलपर को पैसे दिए थे। इन पैसों को लेने के लिए अब्दुल्ला को भेजा गया था। हालांकि बाद में डेवलपर पैसे नहीं लौटा पाया। इसी को लेकर महिला ने साल 2019 में धोखाधड़ी का केस दर्ज किया था।
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साल 2026 में होनी थी सुनवाई
आपको बता दें कि इस मामले में अब्दुल्ला गवाह थे। इस गवाही को काफी अहम माना जा रहा था। साल 2026 में इसकी सुनवाई होनी थी। हालांकि उससे पहले ही अब्दुल्ला समेत उनका परिवार खत्म हो गया। इसके बाद पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है। जानने की कोशिश की जा रही है कि क्या गवाह की वजह से पूरे परिवार को मारा गया?