जंग के बीच भारत का ऐतिहासिक एग्रीमेंट!, न्यूजीलैंड के साथ FTA पर साइन, जानें क्या है?

US-ईरान के बीच चल रहे तनाव के बीच भारत ने एक ऐतिहासिक एग्रीमेंट साइन किया है। सोमवार, 27 अप्रैल को भारत-न्यूजीलैंड के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) साइन हुआ है। इसके तहत अब भारत से न्यूजीलैंड भेजे जाने वाले कई सामानों पर किसी भी प्रकार की एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं लगेगी।
US-ईरान जंग के बीच भारत ऐतिहासिक एग्रीमेंट!
मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल और न्यूजीलैंड के मिनिस्टर ऑफ ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट टॉड मैक्ले की मौजूदगी में ये FTA साइन हुआ। भारत-न्यूजीलैंड के बीच हुए इस फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) के साइन होने के बाद देश से भेजे जाने वाले लेदर प्रोडक्ट्स, टेक्सटाइल, प्लास्टिक और इंजीनियरिंग गुड्स जैसे सामानों पर एक्सपोर्ट ड्यूटी हट गई है।
जिससे लेबर इंटेंसिव सेक्टर्स को सीधा लाभ पहुंचेगा। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने इसे एक ऐतिहासिक समझौता बताया। तो वहीं मिनिस्टर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री पीयूष गोयल ने इसे दोनों देशों के बीच एक नए अध्याय की शुरुआत बताई।
न्यूजीलैंड भारत में ₹1.8 लाख करोड़ का करेगा निवेश
एग्रीमेंट का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच:-
- बाइलेटरल ट्रेड को डबल करना
- भारत में बड़े विदेशी निवेश को आकर्षित करना
- न्यूजीलैंड अगले 15 साल में भारत में 20 बिलियन डॉलर (करीब ₹1.8 लाख करोड़) का करेगा निवेश
- भारतीय व्यापारियों, खासकर आगरा के लेदर एक्सपोर्टर्स के लिए बड़ा अवसर
- 5 हजार भारतीय प्रोफेशनल्स को वर्किंग वीजा
5 हजार भारतीयों को हर साल वर्किंग वीजा
सर्विस सेक्टर की बात करें तो भारत ने IT, शिक्षा, फाइनेंशियल सर्विसेज, कंस्ट्रक्शन और टूरिज्म जैसे हाई-वैल्यू सेक्टरों में बाजार पहुंच हासिल की है। एग्रीमेंट के तहत AYUSH, योगा इंस्ट्रक्टर्स, इंडियन शेफ और म्यूजिक टीचर्स के लिए भी अवसर खुलेंगे।
इसमें एक नया टेम्परेरी एम्प्लॉयमेंट एंट्री वीजा बनाया गया है। इसी के चलते हर साल करीब 5,000 भारतीय स्किल्ड प्रोफेशनल्स न्यूजीलैंड में 3 साल तक काम कर पाएंगे। इसमें इंजीनियरिंग, हेल्थकेयर और एजुकेशन सेक्टर के लिए ज्यादा अवसर मिलेंगे। इसके साथ ही न्यूजीलैंड में भारतीय वाइन और स्पिरिट्स को फ्री एक्सेस मिलेगा।
न्यूजीलैंड को कृषि उत्पादों पर रियायत
न्यूजीलैंड के लिए भारत ने अपनी 70% टैरिफ लाइन्स खोल दी हैं। जिसमें सेब, कीवीफ्रूट और मनुका हनी आदि कृषि उत्पादों पर टैरिफ पर छूट दी गई हैं। न्यूजीलैंड के 54% से ज्यादा एक्सपोर्ट पर भी जीरो ड्यूटी दी गई है। जिसमें फॉरेस्ट्री प्रोडक्ट्स, शीप मीट, ऊन, कोयला आदि शामिल हैं। तो वहीं बाकी आइटम्स जैसे सीफूड, आयरन, स्टील और एल्युमीनियम स्क्रैप पर धीरे-धीरे 10 सालों के अंतराल में खत्म किया जाएगा।
डेयरी पर छूट नहीं
हालांकि भारत ने डेयरी पर छूट नहीं दी है। घरेलू हितों की रक्षा को ध्यान में रखते हुए दूध, क्रीम, पनीर आदि चीजों को इस रियायतों वाली लिस्ट से बाहर रखा गया है।