6 पदों का काम अकेला कर्मचारी! शिक्षा विभाग की हकीकत आई सामने

बदहाल होती शिक्षा व्यवस्था की एक और तस्वीर टिहरी जिले के नरेंद्रनगर विकासखंड से सामने आई है, जहां शिक्षा विभाग का ब्लॉक कार्यालय खुद अव्यवस्थाओं की मार झेल रहा है। ऐसे में बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि जब शिक्षक ही समस्याओं के दलदल में फंसे हों, तो आखिर नौनिहालों का भविष्य कैसे संवरेगा।
टिहरी में 6 पदों का काम अकेला कर्मचारी
दरअसल, नरेंद्रनगर विकासखंड का ब्लॉक मुख्यालय फकोट में स्थित है, जो नरेंद्रनगर से करीब 22 किलोमीटर दूर है। यहीं पर कक्षा 1 से 8 तक के बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों का ब्लॉक स्तरीय कार्यालय संचालित होता है। कागजों में यहां उप शिक्षा अधिकारी, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी, प्रधान सहायक, वरिष्ठ सहायक और दो कनिष्ठ सहायकों समेत कुल 6 पद सृजित हैं।
लेकिन हकीकत चौंकाने वाली है। इन सभी पदों की जिम्मेदारी फिलहाल सिर्फ एक मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुकुल काला के कंधों पर है। उपखंड शिक्षा अधिकारी का पद जून 2022 से खाली पड़ा है। प्रशासनिक अधिकारी और एक कनिष्ठ सहायक नरेंद्रनगर स्थित खंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय में अटैच हैं। एक कर्मचारी को नशा मुक्ति केंद्र भेजा जा चुका है, जबकि एक अन्य पिछले तीन महीनों से गायब बताया जा रहा है। वहीं एक पद कनिष्ठ सहायक का पहले से ही रिक्त है।
एक अकेले अधिकारी पर 429 शिक्षकों का बोझ
सबसे हैरानी की बात यह है कि पूरे ब्लॉक में कार्यरत 429 शिक्षक-शिक्षिकाओं से जुड़े कामकाज को अकेले मुकुल काला संभाल रहे हैं। ऐसे में फाइलों का लंबित होना लाजिमी है। खुद मुख्य प्रशासनिक अधिकारी मुकुल काला का कहना है कि कार्यालय की बदहाल स्थिति से उच्च अधिकारी भली-भांति अवगत हैं, लेकिन अकेले इतने बड़े स्तर के काम को निपटाना संभव नहीं है। इसी कारण लंबे समय से शिक्षकों के कई प्रकरण लंबित पड़े हुए हैं।
वहीं उपखंड शिक्षा अधिकारी का प्रभार 2022 से खंड शिक्षा अधिकारी के पास है, लेकिन वे भी कभी-कभार ही कार्यालय में नजर आते हैं। ऐसे में विभागीय कार्यों में देरी होना स्वाभाविक है, जिसका सीधा असर शिक्षण व्यवस्था और बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। फकोट स्थित शिक्षा विभाग का यह कार्यालय सरकार के शिक्षा सुधार के दावों की हकीकत बयां करता नजर आ रहा है।