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उत्तराखंड का लोकगीत सुन 30 साल बाद घर लौटा पति, आते ही भरी पत्नी की मांग

Uttarakhand Man Returns Home After 30 Years: उत्तराखंड के एक लोकगीत ने सालों से बिछड़े पति को उनकी पत्नी से मिलवा दिया। जी हां, एक पहाड़ी लोकगीत ने कुछ ऐसा कर दिया जो 30 सालों में कोई नहीं कर पाया। दरअसल ये पूरा मामला अल्मोड़ा के चक्केलानी गांव का है। जहां महिपाल राजवार नाम के एक शख्स, जो पेशे से सिविल इंजीनियर थे।

वो आज से 30 साल पहले बिना किसी को बताए अपनी पत्नी, अपने परिवार और अपनी दो महीने की नवजात बेटी को छोड़कर कहीं चले गए। जिसके बाद एक लोकगीत ने उनकी घर वापसी करवाई। चलिए जानते है पूरा मामला आखिर है क्या?

उत्तराखंड का लोकगीत सुन 30 साल बाद घर लौटा पति Uttarakhand Man Returns Home After 30 Years

शुरुआत में परिवार ने महिपाल की तलाश में दर-दर भटके। खूब कोशिश की, लेकिन वक्त के साथ उम्मीदें टूटने लगीं, साथ ही उनकी पत्नी मीना देवी के आंसू भी अब सूख चुके थे। मीना देवी ने इसके बाद खुद को संभाला और अकेले ही अपनी पूरी गृहस्थी का बोझ अपने कंधों पर उठा लिया।

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“ओ घुघुती”… गाना सुन आई परिवार की याद

बेटी की परवरिश, बुजुर्ग सास-ससुर की सेवा और समाज के ताने, 30 साल तक मीना देवी ने ये सब अकेले सहा। बताया जा रहा है कि इस दौरान महिपाल राजवार ने सन्यास ले लिया था और नंद राम दास नाम से वो किसी अनजान शहर के एक आश्रम में रह रहे थे। 30 साल तक परिवार को उनका कोई पता नहीं चला। फिर एक दिन सोशल मीडिया पर एक गाना आया। “ओ घुघुती”… वो गाना जो रिश्तों का पुल बन गया।

गाने पर आ रहे थे शख्स के भावुक कमेंट्स

करीब एक महीने पहले की बात है। कुमाऊंनी लोक गायिका अनीता राजवार ने अपने पति अभिनंदन राजवार के साथ “ओ घुघुती” नाम का एक गाना गाया। जिसे अनीता ने सेना के जवानों को समर्पित किया। सोशल मीडिया पर जैसे ही ये गाना पोस्ट किया गया, ये तेजी से वायरल होने लगा। इसी बीच उनके इस गाने पर नंद राम दास नाम की एक आईडी से बार-बार भावुक कमेंट आ रहे थे। ऐसे कमेंट्स, जो सिर्फ कोई अपना ही लिख सकता था।

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शक होने पर की पड़ताल

परिवार को शक हुआ। हिम्मत कर परिवार ने नंद राम दास से बात शुरू की। तब धीरे-धीरे साफ हो गया कि वही 30 साल पहले बिछड़े उनके घर के सदस्य, महिपाल ही हैं। उस कुमाऊंनी लोकगीत ने वो कर दिखाया, जो कोई पुलिस, कोई खोजी एजेंसी नहीं कर पाई। लिहाजा, परिवार ने उन्हें वापस बुलाने का फैसला किया। 30 साल बाद महिपाल राजवार अपने गांव चक्केलानी लौटे। 90 साल के बुजुर्ग मां-बाप की धुंधली आंखों ने 30 साल बाद अपने बेटे को देखा।

30 साल पहले छोड़ा था घर

मीना देवी की नजरें उस शख्स से टकराईं, जिसने उन्हें 30 साल पहले अकेला छोड़ दिया था। और दिव्या वो बेटी, जिसने “पिता” सिर्फ एक शब्द के रूप में सुना था। उसने पहली बार अपने माता-पिता को एक साथ देखा। महिपाल का कहना है कि उस वक्त हालात ऐसे बन गए थे कि उन्हें घर छोड़ना पड़ा। लेकिन इस कुमाऊंनी गीत और परिवार के प्यार ने उन्हें वापस खींच लिया। महिपाल घर लौटे, तो पूरे गांव ने जश्न मनाया। उन्हें सिर आंखों पर बिठाया गया।

सोशल मीडिया पर लोग दे रहे रिएक्शन

जब ये खबर सोशल मीडिया पर आई, तो वायरल होने लगी। कुछ लोग इसे सच्चे प्रेम की जीत बता रहे हैं। वहीं कई लोग सवाल भी उठा रहे हैं। लोग कह रहे है कि अगर पत्नी 30 साल गायब हो जाती तो क्या ऐसा जश्न मनाया जाता। फिलहाल सोशल मीडिया पर लोग इसको लेकर अपनी अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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