देहरादून में गोल्डन कार्ड का लाभ न मिलने पर भड़के पेंशनर, सड़कों पर उतरे बुजुर्ग

देहरादून में बुजुर्ग पेंशनरों का गुस्सा आखिरकार सड़कों पर फूट पड़ा। सरकार की गोल्डन कार्ड योजना के तहत लाभ न मिलने और लंबे समय से चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिलों का भुगतान अटका होने से नाराज़ पेंशनरों ने राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण कार्यालय के बाहर जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने प्राधिकरण और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
गोल्डन कार्ड का लाभ न मिलने पर भड़के बुजुर्ग पेंशनर
पेंशनरों का कहना है कि वे अपनी समस्याओं को लेकर कई बार संगठन और विभागीय अधिकारियों के साथ बातचीत कर चुके हैं, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। संगठन की ओर से पहले ही लिखित रूप में धरना-प्रदर्शन की चेतावनी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद जब स्थिति जस की तस रही, तो मजबूर होकर उन्हें सड़कों पर उतरना पड़ा।
ये है मांगें
प्रदर्शन के दौरान पेंशनरों ने साफ कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के लंबित बिलों का जल्द भुगतान, गंभीर रूप से बीमार गोल्डन कार्ड धारकों को अस्पताल में भर्ती करने की सुविधा, और अंशदान कटौती में बढ़ोतरी न करने जैसे मुद्दे शामिल हैं। उनका आरोप है कि वर्तमान व्यवस्था में बीमार पेंशनरों को समय पर इलाज तक नहीं मिल पा रहा है।
उग्र आंदोलन की दी चेतावनी
संगठन के प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र कृषाली ने चेतावनी दी कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों के साथ इस तरह की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की कि गोल्डन कार्ड का वास्तविक लाभ पेंशनरों को दिया जाए, अंशदान बढ़ाने का फैसला तुरंत वापस लिया जाए और लंबित चिकित्सा बिलों का भुगतान बिना देरी के किया जाए। उन्होंने साफ कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो संगठन उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।