देवप्रयाग में चढ़ा सियासी पारा, क्षेत्र पंचायत सदस्य ने विधायक पर लगाए गंभीर आरोप

उत्तराखंड के देवप्रयाग विधानसभा में इन दिनों सियासी पारा चढ़ा हुआ है। क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद सजवाण ने स्थानीय विधायक विनोद कंडारी के खिलाफ मोर्चा खो दिया है। साथ ही सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर विधायक पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
देवप्रयाग विधानसभा में चढ़ा सियासी पारा
वायरल वीडियो में क्षेत्र पंचायत सदस्य अरविंद सजवाण ने स्थानीय विधायक विनोद कंडारी पर वादाखिलाफी, झूठ और क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं की ‘बलि’ देने का गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में वो कहते नजर आ रहे हैं कि विधायक विनोद कंडारी ने पिछली बीडीसी बैठक में एक मृतक के परिवार को आर्थिक मदद देने का वादा किया था, लेकिन अब तक उस परिवार को कोई मदद नहीं मिली। सजवाण ने यह भी आरोप लगाया कि क्षेत्र की जनता पानी और बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान है, जबकि जनप्रतिनिधि केवल आश्वासन ही देता है।
स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के पैरों में गिरो: सजवाण
सजवाण ने विधायक पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि, ‘जैसे वोट मांगने के लिए जनता के पैरों में गिरते हो, वैसे ही अब अपनी जनता की जान बचाने के लिए स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के पैरों में गिरो और यहां के लिए डॉक्टर, अल्ट्रासाउंड और एक्सरे मशीन लाओ।’ वीडियो में सजवाण ने आरोप लगाया कि विधायक के कुछ खास कार्यकर्ताओं और ‘चमचों’ के कारण विकास कार्य बाधित हो रहे हैं।
अस्पतालों की बदहाल स्थिति को लेकर विधायक को घेरा
क्षेत्र के हिंडोलाखाल और अन्य अस्पतालों की बदहाल स्थिति पर भी अरविंद सजवाण ने हमला बोला है। उनका कहना है कि डॉक्टरों और जरूरी मशीनों की कमी के कारण मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ रही है और कई मामलों में समय पर इलाज न मिलने से जान भी चली जाती है। लेकिन विधायक विनोद कंडारी को इससे कोई लेना देना नहीं है। सजवाण ने हाल ही में जच्चा-बच्चा की मौत जा जिक्र करते हुए विधायक पर हमला बोला है।
विधायक को दी खुली चुनौती
अरविंद सजवाण ने वीडियो में विधायक विनोद कंडारी को खुली चुनौती देते हुए कहा कि 24 तारीख को होने वाली बीडीसी बैठक में सभी मुद्दों पर जवाब मांगा जाएगा। या तो जनता को उसका हक मिलेगा या फिर वह इस लड़ाई को अंजाम तक पहुंचाने के लिए जेल जाने तक को तैयार हैं। सजवाण ने विधायक की कार्यशैली पर कटाक्ष करते हुए कहा कि विधानसभा में आप चारधाम और अन्य विधानसभाओं की चिंता करते हैं, लेकिन खुद की विधानसभा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में लोग दम तोड़ रहे हैं।