
Gold Price Prediction: बीते साल यानी 2025 में गोल्ड ने छप्परफाड़ रिटर्न दिया। नए साल की शुरुआत में भी गोल्ड की कीमतों में तेजी बरकरार रही। जनवरी 2026 में तो गोल्ड अपने रिकॉर्ड हाई ₹1,80,779 प्रति 10 ग्राम (Gold Price ) के स्तर पर भी पहुंचा। हालांकि एक दम से हवा का रुख बदला। ऐतिहासिक शिखर पर पहुंचने के बाद गोल्ड की कीमतों में गिरावट आनी शुरू हुई।
हालांकि अब खबर आ रही है कि अभी सोना और गिरेगा। इसकी कीमत एक लाख रुपए (Gold Price Prediction) तक आने की भविष्यवाणी की गई है। इस जबरदस्त गिरावट के पीछे बुलियन एक्सपर्ट रूस के डॉलर (Dollar) के प्रति रुख में आए बदलाव को मान रहे हैं।
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Gold Price Prediction: अभी और गिरेगा सोना!, 1 लाख तक पहुंचने वाला है सोना?
खबरों की माने तो एक बार फिर रूस अमेरिका के साथ अमेरिकी डॉलर (USD) में व्यापार करने की संभावना को तलाश रहा है। ये खबर इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि रूस ही काफी लंबे समय से ‘डी-डॉलराइजेशन’ के अभियान का नेतृत्व कर रहा है। जिसमें उसके साथ ब्रिक्स (BRICS) के देश भी शामिल है।
Russia का ‘डॉलर प्रेम’ बिगाड़ेगा गोल्ड का खेल!
अगर रूस डॉलर में व्यापार करता है तो सोने की वो मांग कम हो जाएगी जो BRICS) देशों के “गोल्ड आधारित व्यापार” की उम्मीद से पैदा हुई थी। जिसके चलते रिजल्ट ये होगा कि सोने की कीमतों में गिरावट आएगी। फिलहाल इस रिपोर्ट पर अब तक रूस की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि इसपर मॉस्को की तरफ से भी कोई खंडन नहीं आया है। जिसके चलते इस खबर को और भी ज्यादा हवा मिल गई है। सोने के खरीदारों के मन में भी संदेह पैदा हो रहा है।
BRICS का डी-डॉलराइजेशन का लक्ष्य होगा कमजोर
दरअसल ब्रिक्स देशों यानी ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका ने पिछले कुछ सालों में काफी तेजी से सोने की खरीदारी की थी। इन देशों का लक्ष्य व्यापर के लिए डॉलर को दरकिनार कर सोने को माध्यम बनाना है। आंकड़ों को देखा जाए तो वैश्विक स्वर्ण उत्पादन का 50% हिस्सा ब्रिक्स देश ही नियंत्रित करते हैं। इस खरीदारी से सोने की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिली।
किस वजह से बढ़े सोने के दाम?
विशेषज्ञ कि माने तो डोनाल्ड ट्रंप के अमेरिका के प्रेजिडेंट बनने के बाद दुनियाभर के केंद्रीय बैंकों ने सोना खरीदना शुरू कर दिया। ताकि अमेरिका के टैरिफ के प्रभाव को संतुलित किया जा सके। खासकर ब्रिक्स देशों ने तेजी से सोना खरीदा। इससे डिमांड और सप्लाई के बीच बड़ा असंतुलन पैदा हुआ जिससे वैश्विक स्तर पर सोने के दाम बढ़े।
अब रूस का डॉलर की ओर लौटना, लंबे समय से चल रहे डी-डॉलराइजेशन के लक्ष्य को कमजोर कर सकता है। जिससे सोने के दाम में गिरावट आ सकती है।
एक लाख रुपए से नीचे आएगा सोना
विशेषज्ञ की माने तो सोने में गिरावट का सिलसिला अभी और गहराएगा। भारत में इसका असर देखने को मिल भी रहा है। देश में सोना पहले ही करीब 15% गिर चुका है। ये गिरावट और भी गहराती जाएगी। विशेषज्ञों की माने तो भारत में सोना ₹1 लाख प्रति 10 ग्राम के आंकड़े से भी नीचे आ सकता है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कितना गिरेगा भाव?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ये $3,000 प्रति औंस तक गिर सकता है। पहले ‘पेपर गोल्ड’ यानीडिजिटल निवेश में गिरावट आएगी। जिसके बाद भौतिक सोने के दाम टूटेंगे।
अब तक कितने की आई गिरावट? Gold Price Today
जानकारी के लिए बता दें कि कुछ ही दिनों पहले सोने का भाव रिकॉर्ड हाई पर था। रिकॉर्ड हाई से करीब 13.50% यानी ₹24,500 गिरकर ₹1,54000-1, 56,000 (Gold Price Today)पर आ गया।