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Ekadashi Kab Hai: 12 या 13 फरवरी, विजया एकादशी कब है? जानिए सही डेट, पूजा मुहूर्त और विधि

Vijaya Ekadashi Kab Hai (एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा): एकादशी हमारे हिंदू धर्म में काफी मानयता रखता है। हर महीने के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि आती है। ये भगवान श्रीहरि विष्णु को समर्पित होती है। कहा जाता है कि इस दिन अगर आप व्रत रखते है तो पापों से मुक्ति मिलती है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

इस महीने यानी फरवरी को हिंदू कैलेंडर के आखिरी महीने फाल्गुन माह की एकादशी पड़ रही हैं। जिसमें पहले विजया एकादशी है। इसकी तारीख को लेकर काफी कंफ्यूजन (Vijaya Ekadashi ki Date) बना हुआ है। कई लोग संशय में है कि विजया एकादशी कब की है? 12 फरवरी या फिर 13 फरवरी (Ekadashi Kab Hai )?, चलिए ऐसे में आपके संशय को दूर कर लेते हैं।

Ekadashi Kab Hai: विजया एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा?

फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि को विजया एकादशी मनाई जाती है। भगवान विष्णु को समर्पित इस व्रत का धार्मिक महत्व काफी है। वैदिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 12 फरवरी को दोपहर 12:22 मिनट पर शुरू हो रही है। तो वहीं 13 फरवरी 2026 को दोपहर 2:25 मिनट पर ये समाप्त हो रही है। चूंकि एकादशी व्रत उदया तिथि के अनुसार किया जाता है। जिसके चलते विजया एकादशी का व्रत शुक्रवार यानी कि 13 फरवरी 2026 (Ekadashi Kab Hai) को रखा जाएगा।

विजया एकादशी शुभ मुहूर्त (Vijaya Ekadashi Par Puja Ka Shubh Muhurat)

विजया एकादशी के दिन पूजा के कई शुभ मुहूर्त बन रहे हैं।

  • ब्रह्म मुहूर्त:- सुबह 05 बजकर 17 मिनट से 06 बजकर 08 मिनट तक रहेगा।
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 12 बजकर 58 मिनट तक रहेगा।
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 27 मिनट से 03 बजकर 12 मिनट तक रहेगा।

इन मुहूर्तो पर आप भगवान विष्णु की पूजा, मंत्र जप और व्रत संकल्प ले सकते है। ये काफी फलदायी माना जाता है।

विजया एकादशी की पूजा विधि (Vijaya Ekadashi Puja Vidhi)

  • विजया एकादशी के दिन सबसे पहले:-
  • सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें।
  • स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  • घर के मंदिर को साफ करें।
  • व्रत का संकल्प लें।
  • भगवान विष्णु को खासकर पीले फूल, फल, तुलसी दल और अक्षत अर्पित करें।
  • देसी घी का दीपक जलाएं।
  • पूजा के दौरान आप “ॐ नमो भगवते वासुदेवाय” मंत्र का जप भी कर सकते हैं।
  • विजया एकादशी व्रत कथा का पाठ करें।

Note:- इस दिन सात्विक भोजन खाया जाता है। ऐसे में इस दिन भूल कर भी चावल का सेवन ना करें। ये पूरी तरह वर्जित माना जाता है।

विजया एकादशी व्रत पारण का समय (Vijaya Ekadashi Vrat Paran Date Aur Samay)

विजया एकादशी व्रत का पारण 14 फरवरी 2026 को सुबह 07:00 बजे से 09:14 बजे तक किया जाएगा।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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