5 फरवरी से शुरू होगा उत्तरायणी कौथिक महोत्सव- 2026, फाउंडेशन ने साझा की रूपरेखा

सेवा संकल्प फाउंडेशन द्वारा परेड ग्राउंड, देहरादून में आयोजित की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस में 5 फरवरी से शुरू होने जा रहे चार दिवसीय उत्तरायणी कौथिक महोत्सव–2026 की जानकारी दी गई। फाउंडेशन की संस्थापक गीता धामी ने महोत्सव की रूपरेखा, उद्देश्य और उत्तराखंड की लोकसंस्कृति से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डाला।
5 फरवरी से शुरू होगा उत्तरायणी कौथिक महोत्सव-2026
गीता धामी ने बताया कि उत्तरायणी कौथिक महोत्सव की शुरुआत 05 फरवरी की सुबह 11 बजे परेड ग्राउंड से भव्य शोभा यात्रा के साथ की जाएगी। इसके बाद चार दिनों तक एक ही छत के नीचे उत्तराखंड की समृद्ध संस्कृति, परंपराएं और लोकजीवन की झलक देखने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस महोत्सव में उत्तराखंड के पारंपरिक और स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल भी लगाए जाएंगे, जिससे लोग पहाड़ के असली स्वाद से रूबरू हो सकेंगे। प्रत्येक जिले से 7 से 8 स्टाल लगाए जाएंगे और कुल 100 स्टालों का चिन्हितीकरण किया गया है।
वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने पर दिया जाएगा जोर: गीता धामी
गीता धामी ने बताया कि इस आयोजन में वोकल फॉर लोकल को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा। स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भी बड़ी संख्या में इस कार्यक्रम में भाग ले रही हैं, जिससे उन्हें अपने उत्पादों को प्रदर्शित करने और आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिलेगा। महोत्सव के दौरान बच्चों के लिए विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन भी किया जाएगा, साथ ही उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था भी की गई है। इसके अलावा, उत्तराखंड के प्रसिद्ध लोक गायक अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिन्हें विशेष रूप से सम्मानित भी किया जाएगा।
उत्तराखंड की पहचान को देश तक पहुंचाने को होगा प्रयास
कार्यक्रम में देवी-देवताओं की आकर्षक झांकियां भी देखने को मिलेंगी, जो उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। साथ ही, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को ‘नंदा शिखर सम्मान’ से सम्मानित किया जाएगा।गीता धामी ने कहा कि उत्तरायणी कौथिक महोत्सव केवल एक सांस्कृतिक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की पहचान और सकारात्मक संदेश को पूरे देश तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने बताया कि इस आयोजन को सफल बनाने में विभिन्न संस्थाओं ने बढ़-चढ़कर योगदान दिया है।