
उतराखंड के शिवशक्ति धाम डासना के पीठाधीश्वर यत नरसिंहानंद गिरी महाराज (Yati Narsinghanand Giri ) को पुलिस ने उत्तराखंड-यूपी बॉर्डर पर रोक दिया। बता दें कि वो अपने शिष्यों के साथ हरिद्वार जा रहे थे। वहां वो सर्वानंद घाट पर यूजीसी (UGC) एक्ट पर संत समाज के मौन के विरोध में एक दिन का सांकेतिक उपवास करने जा रहे थे। हालांकि उससे पहले ही उत्तराखंड पुलिस ने उन्हें बॉर्डर पर ही रोक दिया।
हरिद्वार जा रहे यति नरसिंहानंद गिरी को रोका Yati Narsinghanand Giri
पंचदशनाम जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज को रोके जाने पर उन्होंने इसे अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन कहा। साथ ही इसका कड़ा विरोध भी किया। हालांकि उनकी पुलिस बल के सामने एक ना चली। नरसिंहानंद गिरी महाराज की माने तो यूजीसी एक्ट अरब देशों का विशेष रूप से UAE की योजनाओं का हिस्सा है।
यूजीसी एक्ट हिन्दू समाज का डेथ वारंट
उनका मानना है कि इस षड्यंत्र पर संत समाज का मौन सनातन धर्म का महाविनाश है। उन्होंने तो यूजीसी एक्ट को हिन्दू समाज का डेथ वारंट तक कह दिया। उन्होंने कहा कि ये षड्यंत्र पूरे हिंदू समाज को जातीय युद्ध की ज्वाला में झोंक देगा। अब भी अगर संत मौन रहे तो सनातन धर्म को कोई नहीं बचा पाएगा।
दिल्ली के जंतर मंतर पर करने जा रहे थे प्राणदान
बताते चलें कि इससे पहले 23 जनवरी 2026 को यूजीसी एक्ट का विरोध करने महामंडलेश्वर यति नरसिंहानंद गिरी महाराज अपने शिष्यों के साथ दिल्ली जंतर मंतर पर प्राणदान करने जा रहे थे। हालांकि गाजियाबाद पुलिस ने उनको मंदिर में ही नजरबंद कर दिया था।