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उत्तराखंड में फिर उठी मूल निवास और सख्त भू-कानून की मांग, समिति ने किया प्रदर्शन

मूल निवास भू कानून संघर्ष समिति के बैनर तले रविवार को देहरादून के गांधी पार्क में एक दिवसीय धरना देकर एक बार फिर मूल निवास और सख्त भू कानून की मांग तेज हो गई है।

उत्तराखंड में मूल निवास और सख्त भू-कानून की मांग तेज

मूल निवास भू कानून समिति के संयोजक लूशुन टोडरिया ने इस अवसर पर एकजुटता से जनता को आगे आने का आह्वाहन किया। लूशुन ने कहा कि मूल निवास हमारा जन्माधिकार है। उत्तराखंड में लगातार बड़ी संख्या में फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र बन रहे है जिससे उत्तराखंड के मूल निवासियों की नौकरी में डाका डाला जा रहा है।

मूल निवास पर अपनी नीति स्पष्ट करे सरकार: टोडरिया

टोडरिया ने सरकार से मूल निवास पर अपनी नीति स्पष्ट करने को कहा और भू कानून के दायरे में सभी नगर निकायों में लाने के कहा और पर्वतीय क्षेत्रों में पांचवीं अनुसूची के अंतर्गत लाकर एक सशक्त भू कानून और मूल निवास 1950 लागू करने के कहा है। टोडरिया ने कहा कि अब मूल निवास भू-कानून की यह लड़ाई सरकार से आमने सामने लड़ी जाएगी। टोडरिया ने कहा कि मूल निवास पर विधायकों की चुप्पी को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हरिद्वार से लेकर हर्षिल तक मूल निवासियों को एकजुट किया जाएगा ।

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Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
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