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क्या है brain eating amoeba?,जिसके कारण अब तक 19 लोगों की गई जान, कितना ख़तरनाक?, ये है शुरुआती लक्षण

what is brain eating amoeba: केरल में आज कल दिमाग की बामारी अमीबिक मेनिंगोएन्सेफलाइटिस (amoebic meningoencephalitis) से लोग दहश्त में है। ब्रेन इटिंग अमीबा एक खतरनाक बिमारी है जो लोगों की जान ले रहा है। अब तक केरल में 19 लोगों की इस बीमारी से जान चली गई। ऐसे में चलिए जानते है कि क्या है ये दिमाग को खाने वाली बीमारी? और क्या है इसके लक्षण?

क्या है अमीबिक मेनिंगोएनसेफेलाइटिस what is brain eating amoeba

अमीबिक मेनिंगोएनसेफेलाइटिस (PAM) बीमारी “नेगलेरिया फाउलेरी” (Naegleria fowleri) नाम के अमीबा की वजह से होती है। जिसे ब्रेन इटिंग अमीबा भी कहा जाता है। ये एक खतरनाक बीमारी है जिसका डेथ रेट काफी ज्यादा है। इस बीमारी से संक्रमित व्यक्तियों में से98% लोगों की मौत हो सकती है। इलाज ना मिलने पर चार से 18 दिन के अंदर व्यक्ति की जान भी जा सकती है।

काफी खतरनाक और घातक है बीमारी

नेग्लेरिया फाउलेरी नामक अमीबा गर्म, स्थिर और खराब पानी में होता है। ये व्यक्ति के शरीर में नाक के जरिए जाता है। शरीर के अंदर जाने के बाद ये अमीबा दिमाग में घुसता है और गंभीर सूजन पैदा करता है। ये काफी दुर्लभ बीमारी होने के साथ-साथ काफी घातक भी है। पहले भी इसके मामले भारत में मिले है। लेकिन इस बार इसके केसिस काफी बढ़े हैं।

दिमाग खाने वाले कीड़े के लक्षण (brain eating amoeba Symptoms)

इस बीमारी के शुरुआती लक्षणों को पहचानना काफी मुश्किल है। लेकिन अगर नीचे दिए गए कुछ सामान्य लक्षण दिखे तो तुरंत ही अलर्ट होने की जरूरत है।

  1. भयंकर सरदर्द
  2. बुखार और मतली
  3. गर्दन में अकड़न
  4. भ्रम या भटकाव
  5. सीजर्स/दौरे पड़ना

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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