
चारधाम यात्रा के तहत केदारनाथ धाम में इस बार प्रशासन किसी भी अफवाह या झूठी खबर फैलाने वालों पर सख्त हो गया है. धाम में भगदड़ की झूठी सूचना फैलाने के मामले में पुलिस ने दो सोशल मीडिया यूज़र्स के खिलाफ केस दर्ज किया है.
क्या है मामला?
रुद्रप्रयाग के जिला सूचना अधिकारी ने मामले को लेकर तहरीर दी है. जसमे उन्होंने बताया कि इंस्टाग्राम पर दो व्यक्तियों विराट मीणा निवासी (राजस्थान) और देवजीत दास निवासी (पश्चिम बंगाल) ने केदारनाथ धाम में भगदड़ होने की झूठी और भ्रामक वीडियो पोस्ट की. यही नहीं इन वीडियोज में टोकन काउंटर और अन्य यात्रा व्यवस्थाओं के बारे में भी तथ्यहीन बातें कही गई है.
जबकि हकीकत ये है कि केदारनाथ मंदिर परिसर में 15 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार की फोटोग्राफी, वीडियो या रील बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है. इसके बावजूद, ये वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर डालने से यात्रियों और श्रद्धालुओं में डर, भ्रम और असुरक्षा की भावना फैलाई जा रही है, जिससे लोक व्यवस्था व कानून व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है.
प्रशासन ने दी चेतावनी
पुलिस उपाधीक्षक गुप्तकाशी विकास पुंडीर ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अगर कोई व्यक्ति इस तरह की झूठी रीलों या खबरों को डाउनलोड कर अपने प्रोफाइल पर डालता है, शेयर करता है या फॉरवर्ड करता है, तो उसे भी इस अभियोग में शामिल किया जाएगा और उसके खिलाफ भी कानूनी कार्यवाही की जाएगी. पुलिस ने जनता से अपील की है कि केदारनाथ यात्रा पूरी तरह से सकुशल और शांति पूर्ण तरीके से चल रही है.