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शरीर में हो रहे ये बदलाव तो समझ जाए कि हो गया है Cancer!, खुद से घर बैठे कर सकते हैं चेक

Cancer कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसका नाम सुनते ही दिल दहल जाता है। और क्यों न हो? ये जानलेवा बीमारी पूरी दुनिया में बड़ी तेज़ी से फैल रही है। भारत भी इससे अछूता नहीं है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के आंकड़ों के मुताबिक साल 2022 में भारत में कैंसर के करीब 1.46 मिलियन केस सामने आए थे। साल 2025 तक ये आंकड़ा 1.57 मिलियन को भी पार कर सकता है।

ज्यादातर मामलों में समस्या ये होती है कि कैंसर का पता बहुत देर से चलता है। जब इलाज के रास्ते सीमित रह जाते हैं। लेकिन अगर हम कुछ शुरुआती संकेतों(Cancer Symptoms) को पहचान लें तो इसे समय रहते काबू में लाया जा सकता है। चलिए जानते हैं वो 8 आम से दिखने वाले लक्षण जो शरीर हमें वक्त रहते दिखा देता है। बस ज़रूरत है थोड़ा सचेत रहने की।

Cancer Symptoms: बिना वजह वज़न कम होना

अगर आप न डाइटिंग कर रहे हैं, न एक्सरसाइज़। फिर भी कुछ ही हफ्तों में 4-5 किलो या उससे ज़्यादा वज़न कम हो रहा है। तो ये किसी गंभीर अंदरूनी गड़बड़ी, जैसे पेट, फेफड़े या पैंक्रियास के कैंसर का संकेत(Cancer Symptoms) हो सकता है।

बार-बार खून आना

नाक से, पेशाब में, खांसी में या मल के साथ खून आना अगर बार-बार हो रहा है। तो इसे इग्नोर न करें। ये कोलन, ब्लैडर या लंग कैंसर की तरफ इशारा हो सकता है।

पुरानी खांसी या आवाज़ में बदलाव

अगर आपको लगातार कई हफ्तों से खांसी हो रही है या आपकी आवाज़ भारी लग रही है तो यह गले या फेफड़ों से जुड़ा कैंसर संकेत हो सकता है। खासकर अगर आप स्मोकिंग करते हैं तो सतर्क रहें।

शरीर में गांठ या सूजन

अगर आपके गर्दन, ब्रेस्ट, बगल या शरीर के किसी भी हिस्से में कोई गांठ या उभार दिख रहा है जो दबाने पर भी दर्द नहीं कर रहा तो इसे हल्के में न लें। ये कैंसर की शुरुआती निशानी हो सकती है।

निगलने में दिक्कत

खाना खाते वक्त बार-बार ऐसा लगे कि कुछ अटक रहा है या निगलने में तकलीफ हो रही है तो हो सकता है कि ये गले या फूड पाइप में कैंसर की वजह से हो रहा हो।

घाव जो ठीक न हो

अगर किसी कट या चोट को ठीक हुए 2-3 हफ्ते से ज़्यादा हो गए हैं। लेकिन वो भर नहीं रहा तो सावधान हो जाएं। ये स्किन या ओरल कैंसर का लक्षण हो सकता है। खासकर उन लोगों में जो तंबाकू या गुटखा का सेवन करते हैं।

स्किन में बदलाव

शरीर पर कोई नया तिल बनना, या पहले से मौजूद तिल का रंग, आकार या बनावट बदलना, ये स्किन कैंसर का साफ संकेत हो सकता है। समय पर डॉक्टर से जांच ज़रूरी है।

लगातार थकान और सुस्ती

अगर आप हर वक्त थके-थके रहते हैं और नींद पूरी करने के बाद भी शरीर में सुस्ती बनी रहती है। तो इसे सिर्फ कमजोरी मानकर टालिए मत। ये भी किसी कैंसर की शुरुआत हो सकती है।

घर बैठे क्या कर सकते हैं? (Self-Check Tips)

  • ब्रेस्ट सेल्फ एग्ज़ामिनेशन: हर महीने खुद जांचें कि ब्रेस्ट में कोई गांठ या बदलाव तो नहीं है।
  • मुंह और जीभ देखें: शीशे में देखकर मुंह में सफेद धब्बे, छाले या न भरने वाले घाव को नोट करें।
  • त्वचा की निगरानी: स्किन पर कोई नया तिल, रैश या बदलाव दिखे तो अलर्ट हो जाएं।
  • पेशाब और मल की जांच: इनकी गंध, रंग या खून की मौजूदगी पर ध्यान दें।

हर बीमारी की तरह Cancer भी समय रहते पकड़ में आ जाए तो इलाज संभव है। शरीर हमें संकेत देता है बस हमें उसकी भाषा समझनी आनी चाहिए। अगर इन लक्षणों में से कोई भी आपको लंबे समय तक महसूस हो रहा हो तो देर मत कीजिए, डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

Disclaimer: ये जानकारी सिर्फ जागरूकता के उद्देश्य से है। किसी भी तरह की बीमारी या लक्षण के लिए विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

Uma Kothari

उत्तराखंड की डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय उमा कोठारी खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) में बतौर पत्रकार कार्यरत हैं। वे राजनीति, मनोरंजन, खेल और ट्रेंडिंग विषयों पर गहन और तथ्यपरक खबरें लिखती हैं। उत्तराखंड के स्थानीय और राष्ट्रीय मुद्दों पर इनकी पकड़ मजबूत है। डिजिटल मीडिया में इनका अनुभव पाठकों को सटीक, संतुलित और समय पर जानकारी देने में सहायक है। उत्तराखंड | खबर उत्तराखंड
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