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Govardhan Puja : कुमाऊं में ऐसे मनाते हैं गोवर्धन पूजा, गायों को लगाते हैं थाप, पढ़ें यहां

दीवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा मनाई जाती है। देशभर में इसे धूमधाम से मनाया जाता है। उत्तराखंड के कुमाऊं में इसे अनोख तरीके से मनाया जाता है। इस दिन गायों को नहलाकर उन्हें तेल लगाया जाता है और फूलमालाएं पहनाई जाती हैं। इसके बाद गायों पर थाप लगाई जाती है और गायों की पूजा की जाती है।

दो अक्टूबर को है गोवर्धन पूजा

हर साल कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को गोवर्धन पूजा की जाती है। इस साल गोवर्धन पूजा दो अक्टूबर को मनाई जा रही है। इस साल क्योंकि कार्तिक अमावस्या एक नवंबर तक रहने वाली है तो इसलिए दो को गोवर्धन पूजा मनाई जाएगी। गोवर्धन पूजा का शुभ मुहूर्त 6 बजकर 30 मिनट से 8 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। इस दौरान पूजा करने से शुभ फल की प्राप्ति होती है।

Govardhan Puja
गोवर्धन पूजा

कुमाऊं में गोवर्धन पूजा के दिन गायों को लगाते हैं थाप

गोवर्धन पूजा को कुमाऊं मंडल में धूमधाम से और देश के अन्य हिस्सों से थोड़ा हटके मनाया जाता है। इस दिन सुबह गायों और बैलों को नहलाया जाता है और टीका लगाया जाता है। इसके साथ ही फूलों से इनके लिए मालाएं तैयार कर गायों के गले में पहनाई जाती हैं। जिसके बाद गाय और बैलों की पीठ पर थाप लगाई जाती है।

गाय पर थाप Govardhan Puja 2024
गायों पर थाप

थाप लगाने के लिए बिस्वार का एक गाढ़ा घोल बनाया जाता है। बिस्वार यानी चावल को रातभर भिगकार सुबह पीसकर घोल बनाया जाता है। कहीं-कहीं आटे का घोल भी बनाया जाता है। इसके बात माड़े पर एक मोटा धागा बांधा जाता है। इस बर्तन को बिस्वार में डूबो कर गाय और बैल के माथे और पीठ पर ठप्पा लगाया जाता है जिसे कि थाप कहा जाता है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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