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पंचेश्वर को अब भी मदद का इंतजार, सड़क बहने से कटा हजारों की जनता का संपर्क

शुक्रवार को आई भीषण आपदा से लोहाघाट ब्लाक की नेपाल सीमा के पंचेश्वर को जोड़ने वाली सड़क जगह-जगह बहने व क्षतिग्रस्त होने से बंद हो गई है। जिस कारण पिछले चार दिनों से पंचेश्वर सहित क्षेत्र के लगभग 70 से अधिक गांवो की हजारों की आबादी के साथ-साथ नेपाल व पिथौरागढ़ जिले की जनता भी प्रभावित हो गई है।

आपदा के बाद पंचेश्वर को अब भी मदद का इंतजार

बीते दिनों हुई भारी बारिश के बाद चंपावत जिले में आपदा में करोड़ों का नुकसान हुआ। पंचेश्वर में आपदा के कारण सड़कें बह गई हैं। जिस कारण अब कर वहां मदद नहीं पहुंच पाई है। पंचेश्वर क्षेत्र को प्रशासनिक मदद की सख्त जरूरत है। सीमावर्ती सड़क बंद होने से क्षेत्र में अब रोजमर्रा की चीजों की किल्लत होने लगी है तथा बीमारियों का खतरा बढ़ने लगा है।

जरूरी वस्तुओं का होने लगा है अभाव

सोमवार को क्षेत्र के लोगों ने बताया सड़क बहने से इस सीमावर्ती क्षेत्र का अन्य जगह से संपर्क पूरी तरह कट चुका है। जरूरी वस्तुओं का अभाव होने लगा है। उन्होंने कहा है कि अगर इस स्थिति में कोई व्यक्ति गंभीर बीमार होता है तो उसे अस्पताल पहुंचाना भी संभव नहीं है। सड़के व रास्ते टूटने से बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। इसके अलावा पंचेश्वर में तैनात एसएसबी की सप्लाई भी बंद हो गई है। एसएसबी इस आपात स्थिति में ग्रामीणों के साथ खड़ी है पर सड़क खोलने में संसाधनों की कमी साफ नजर आ रही है ग्रामीण प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहे हैं।

ग्रामीणों ने की जल्द से जल्द सड़क खुलवाने की मांग

ग्रामीणों ने प्रशासन से संसाधन बढ़ाकर जल्द से जल्द सड़क खोलने की मांग की है। ग्रामीणों ने बताया क्षेत्र के वाहन सड़कों में जगह-जगह फंसे हुए हैं। अगर जल्द सड़क नहीं खोली गई तो हालात बेकाबू हो सकते हैं। ये सड़क पंचेश्वर के साथ-साथ नेपाल व पिथौरागढ़ जिले को भी जोड़ती है।

लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता संजय चौहान ने बताया पंचेश्वर सड़क जगह-जगह बह चुकी है। दो मशीन सड़क खोलने व वैकल्पिक मार्ग बनाने में जुटी हुई है। उन्होंने बताया कि लोहाघाट डिवीजन में जगह-जगह सड़कें बुरी तरह टूट चुकी हैं। सड़क खोलने का कार्य युद्ध स्तर पर चलाया जा रहा है। सड़क का कार्य देख रहे हैं सहायक अभियंता सूरज साह ने बताया मशीनें लगातार कार्य कर रही हैं लेकिन सड़क जगह-जगह बह चुकी है जिस कारण पूरी तरह सड़क खोलने में हफ्ते भर का समय लग सकता है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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