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Lalbaugcha Raja: कौन है लालबागचा राजा? गणेश चतुर्थी में क्यों होती है इनकी महाराष्ट्र में पूजा? जानें यहां

देश में गणेश चर्तुथी की तैयारी हो चुकी हैं। हर साल की तरह इस साल भी लालबागचा राजा का पहला लुक सभी के सामने आ चुका है। महाराष्ट्र समेत पूरा भारत इस त्योहार को मनाने के लिए तैयार है। महाराष्ट्र में जब भी बप्पा की बात आती है तो लालबागचा के राजा का नाम आता है। आइये जानते हैं कौन है लालबागचा के राजा और क्या है इनके नाम के पीछे की कहानी।

कौन हैं Lalbaugcha Raja ?

Lalbaugcha Raja, मुंबई के लालबाग इलाके में सबसे बड़े गणपति हैं जिनकी मूर्ति साल 1934 से हर साल स्थापित की जा रही है। दरअसल, 1934 में मुंबई के लालबाग बाजार क्षेत्र के श्रमिकों के एक समूह ने अपनी स्वंय की गणेश मूर्ति स्थापित करके इस परंपरा को शुरु किया। इसके पीछे की कहानी ये है कि मुंबई के दादर और परेल से सटा हुआ लाला बाग का इलाका मीलों से कटा हुआ था। इनकी कमाई का एक ही जरिया था पेरू चाल में रहने वाले ग्राहक। लेकिन,1932 में पेरू चाल बंद हो  गया और इनकी रोजी रोटी को भारी नुकसान हुआ।

1934 से हर साल बन रही मूर्ति

इन मछुआरों को मुश्किल समय से गुजरना पड़ा और सड़क पर अपना सामान बेचना पड़ा, तब लोगों ने मिलकर कुछ पैसे जोड़े और गणपति जी की छोटी सी मूर्ति लाए और उससे मनन्त मांगी। 2 साल बाद इन लोगों की सारी मन्नत पूरी हो गई और फिर 12 सितंबर 1934 से हर साल यहां गणपति स्थापना की परंपरा चली आ रही है। पहली मूर्ति एक साधारण, 2 फुट ऊंची मिट्टी की मूर्ति थी पर उसके बाद से बड़ी से बड़ी मूर्ति लाने की परंपरा चली आ रही है। जैसे-जैसे मंडल बढ़ता गया, वैसे वैसे मूर्ति का आकार और लोकप्रियता भी बढ़ती गई। 1950 के दशक तक, लालबागचा राजा मुंबई का एक प्रमुख गणेश पंडाल बन गया था। आज लालबागचा राजा काफी फेमस हैं और बड़े-बड़े नेता, अभिनेता और बिजनेस मैन इनके दर आते हैं।

2024 में लालबागचा राजा बेहद खास

बता दें कि इस साल 2024 में लालबागचा राजा बेहद खास होने वाला है। 2024 की सजावट की थीम अयोध्या राम मंदिर से प्रेरित है। प्रवेश द्वार पर भगवान राम की मूर्ति के साथ राम मंदिर की एक भव्य प्रतिकृति है। ये सजावट प्रसिद्ध कला निर्देशक नितिन चंद्रकांत देसाई द्वारा डिजाइन की गई है।

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