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LIVE: वायनाड भूस्खलन में अभी तक 93 लोगों की मौत, 128 लोग घायल, सैकड़ों फंसे

केरल के वायनाड में भीषण लैंड स्लाइड हुआ है। लैंड स्लाइड के कारण कई लोग मलबे में दब गए हैं। इस हादसे में मरने वालों की संख्या अब तक 93 पहुंच गई है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात 1 बजे के बाद से वायनाड के मेप्पाडी, मुबदक्कई और चूरल मला पहाड़ियों पर लैंडस्लाइड हुआ है।

वायनाड भूस्खलन में अभी तक 93 लोगों की मौत

वायनाड भूस्खलन में अभी तक 93 लोगों की मौत हुई है। जबकि 128 लोग घायल हुए हैं। सैकड़ों लोगों के फंसे होने की आशंका है। वहीं केरल में लगातार बारिश के बीच वायनाड के चूरलमाला इलाके में बारिश और भूस्खलन की वजह से एनडीआरएफ समेत आपातकालीन प्रतिक्रिया दल खोज और बचाव अभियान में लगे हुए हैं। इलाके में मौजूद एक स्थानीय व्यक्ति ने कहा, हमें नहीं पता कि कितने लोग मिट्टी के नीचे दबे हुए हैं। यह पहली बार है जब यहां ऐसी घटना हुई है।   

सेना को तैनात करने के निर्देश-राजनाथ सिंह

वहीं लैंडस्लाइड को लेकर भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बड़ा एक्शन लिया है। उन्होनें भारतीय सेना के प्रमुख से बात की और उन्हें भूस्खलन प्रभावित केरल के वायनाड में सहायता और बचाव के लिए सेना को तैनात करने को कहा है। सेना की टीमें वायनाड में पहुंच चुकी हैं।

पीएम ने किया मुआवजे का ऐलान

वायनाड हादसे पर पीएम मोदी सहित कई राजनेताओं ने दुख व्यक्त किया है। पीएम मोदी ने केरल के सीएम से बात की है। पीएम ने मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50,000 रुपये मुआवजे का ऐलान किया है। जेपी नड्डा, मल्लिकार्जुन खरगे समेत तमाम नेताओं ने इस हादसे में दुख व्यक्त किया है।

बताया जा रहा है कि रात 1 बजे वायनाड के मुबदक्कई में सबसे पहले लैंडस्लाइड या भूस्खलन हुआ। अगला भूस्खलन चूरल माला में सुबह 4 बजे हुआ। उस समय वहां बचाव अभियान चल रहा था। कैंप के तौर पर काम करने वाला एक स्कूल, एक घर, एक स्कूल बस सभी बाढ़ में डूब गए और कीचड़ और पानी से भर गए।

हेल्पलाइन नंबर जारी

वहीं केरल के स्वास्थ्य विभाग ने एक कंट्रोल रुप स्थापित किया है। सरकार ने किसी भी आपातकालीन सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर  9656938689 और 8086010833 जारी किए हैं।

पुल के ढहने के बाद करीब 400 परिवार फंसे

रिपोर्ट के मुताबिक, चूरल माला शहर में एक पुल के ढहने के बाद करीब 400 परिवार फंसे हुए हैं। कई लोगों के घायल होने की खबर भी सामने आई है। कई घर बह गए हैं। प्रतिकूल मौसम की वजह से हेलीकॉप्टर भी वहां तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। लैंडस्लाइड वाली जगह पर फायर ब्रिगेड, और बचाव, नागरिक सुरक्षा, एनडीआरएफ और स्थानीय आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम के 250 सदस्य बचाव अभियान चला रहे हैं। केरल सरकार ने 122 इन्फैंट्री बटालियन (टीए) मद्रास की बचाव टुकड़ियों की मांग की है। पूरे क्षेत्र में बिजली गुल होने से नुकसान का अंदाजा फिलहाल नहीं लगाया जा रहा है।

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