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कांवड़ रूट पर नेम प्लेट लगाने का फरमान, जानें क्या बोले कांवड़िए ?

कल से सावन शुरू हो रही है और हरिद्वार से कांवड़ यात्रा शुरू होगी। कांवड़ रूट पर पिछले पांच दिनों से कांवड़ियों की भीड़ दिखाई देने लगी है। आप को बता दें कि उत्तर प्रदेश की भांति उत्तराखंड में भी अब कावड़ यात्रा मार्ग में सभी दुकानदारों एवं ठेली विक्रेताओं को अपना व्यक्तिगत विवरण लिखना होगा तथा कोई भी होटल एवं ढाबा मालिक लहसुन-प्याज का इस्तेमाल नहीं करेगा तथा मांसाहारी भोजन नहीं बनाएगा।

कांवड़ रूट पर नेम प्लेट लगाने का फरमान

22 जुलाई से शुरू हो रहे कावड़ मेले को सकुशल सम्पन्न कराने के लिए पुलिस ने इस बार कई अलग व्यवस्थायें की हैं। मेले के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने, श्रद्वालु शिवभक्तों के सकुशल अपने गंतव्य की ओर प्रस्थान करने के दौरान खास सर्तकता बरतते हुए उत्तराखण्ड पुलिस ने भी उत्तर प्रदेश पुलिस की तरह ही कावड़ यात्रा मार्ग में पड़ने वाले तमाम होटल, ढाबा संचालकों को जरूरी निर्देश जारी किए गए हैं।

इसी को लेकर कुछ वक्त पहले ही मुख्यमंत्री धामी की तरफ से जानकारी दी गई है। इसमें उन्होंने लिखा कि कांवड़ यात्रा मार्ग पर सभी कारोबारियों की पहचान को सार्वजनिक रखने की व्यवस्था बनाई गई है। ये फैसला किसी को नुकसान पहुंचाने या टारगेट करने का नहीं है। ये आदेश कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए लिया गया है।

जानें क्या बोले कांवड़िए ?

कांवड़ियों का कहना है कि हमें हिंदू मुस्लिम की दुकान से कोई दिक्कत नहीं है। हर साल हम कांवड़ ले जाते हैं और हिंदू और मुस्लिम दोनों की दुकानों से सामान खरीदते हैं। लेकिन ऐसा कोई भेदभाव नहीं होता। कुछ कांवड़ियों ने कहा कि ये उत्तराखंड सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार का ये सही फैसला है। लेकिन किसी के साथ भेदभाव नहीं होना चाहिए। कुछ कांवड़ियो का कहना है कि पहले हमें दिक्कत होती थी लेकिन इस फैसले के बाद हमें सुविधा होगी। उन्होंने कहा कि ये बिल्कुल सही कदम है।

Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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