Rudraprayag NewsHighlight

रोपवे की सुविधा से जल्द जुड़ेगा केदारनाथ धाम, घंटों की दूरी 28 मिनट में होगी पूरी

केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अच्छी खबर है। जल्द ही बाबा के दर्शन करने वाले तीर्थयात्रियों को दुर्गम रास्तों के सफर से छुटकारा मिलेगा और घंटों का सफर यात्री कुछ की मिनटों में तय कर पाएंगे। बता दें केदारनाथ धाम और हेमकुंड साहिब में जल्द ही रोपवे की सुविधा शुरू होने जा रही है।

रोपवे की सुविधा से जल्द जुड़ेगा केदारनाथ धाम

रोपवे निर्माण की प्रक्रिया प्रशासन स्तर पर शुरू हो गई है। 13 किलोमीटर लंबी रोपवे लाइन का निर्माण लगभग 900 करोड़ की लागत से किया जाएगा। पहाड़ी इलाका होने की वजह से निर्माण कार्य शुरू होने में समय लग रहा था। सम्बंधित अधिकारियों के मुताबिक 2029 तक रोपवे का निर्माण पूरा हो जाएगा। जिसके बाद आठ से दस घंटे का सफर 28 मिनट में तय हो जाएगा। जबकि हेमकुंड साहिब का सफर तीन दिन के बजाए तीन घंटे का रह जाएगा।

कैसे पहुंचते हैं केदारनाथ ?

केदारनाथ पहुंचने के लिए फिलहाल पैदल पहाड़ी ट्रैक है। इस ट्रैक पर डंडी कंडी या फिर खच्चर पर बैठकर भी जा सकते हैं। तकरीबन 12 किमी की ये यात्रा करने में आपको सात से आठ घंटे तक समय लग सकता है। इसके लिए आपको शारीरिक रूप से स्वस्थ होना जरूरी है। हाई एल्टीट्यूड और मौसम प्रतिकूल होने से आपको चुनौतियां मिल सकती हैं। आमतौर पर बुजुर्ग लोगों के लिए ये मार्ग बेहद कठिन होता है।

हेलिकॉप्टर का भी है विकल्प

केदारनाथ जाने के लिए आप हेलिकॉप्टर का विकल्प भी प्रयोग कर सकते हैं। हेली सेवा महंगी होने के साथ-साथ अधिक मांग होने के कारण आसानी से उपलब्ध नहीं हो पाता है। केदारनाथ धाम में रोपवे की सुविधा शुरू होने के बाद धाम पहुंचने वालों को सहूलियत होगी। इसके साथ ही यात्रा के दौरान मरने वाले यात्रियों की संख्या भी शून्य के बराबर हो जाएगी।

रोपवे बनने से आसान होगा सफर

ये रोपवे सोनप्रयाग से केदारनाथ धाम तक बनाया जाएगा। इस रोपव में स्टेशन गौरीकुंड, चीड़बासा, और लिंचौली बनाए जाएंगे। इस रोपवे के बन जाने के बाद केदारनाथ धाम तक श्रद्धालुओं की पहुंच बेहद आसान हो जाएगी। सोनप्रयाग से केदारनाथ पहुंचने का समय भी कम हो जाएगा। इसके साथ ही श्रद्धालुओं को सहूलियत भी होगी। इस रोपवे के निर्माण के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में इजाफा होने की उम्मीद भी है

केदारनाथ रोपवे के निर्माण प्रोजेक्ट में 26.43 हेक्टेयर वनभूमि आ रही है। केदारनाथ रोपवे के निर्माण में तकरीबन 900 करोड़ रुपए का खर्च आने की संभावना है। केदारनाथ रोपवे के निर्माण प्रोजेक्ट में 26.43 हेक्टेयर वनभूमि आ रही है। इसके बनने के बाद सोनप्रयाग से केदारनाथ के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबे रोपवे के बनने से धाम तक की दूरी 28 मिनट में पूरी की जा सकेगी।

हेमकुंड में भी रोपवे

इसके साथ ही गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक बनने वाले रोपवे के लिए एनवायरमेंट क्लियरेंस की आवश्यकता नहीं है लिहाजा इस मार्ग पर भी अब रोपवे निर्माण शुरु हो सकेगा। एनएचएआई की एजेंसी नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड ने दोनों रोपवे की डीपीआर तैयार की है।

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें