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बेटे से मिलने की आस खो चुकी थी मां, 17 साल बाद इस हालत में मिला जिगर का टुकड़ा, कहानी सुन रह जाएंगे दंग

आपने फिल्मों और सीरियल में अक्सर देखा होगा की कोई शख्स अपने परिवार से बिछड़ जाता है और सालों बाद अचानक अपने परिजनों के सामने आ जाता है। ठीक उसी तरह से एक मामला देहरादून से सामने आया है। जिसमें एक बेटा 17 साल बाद अपनी मां से मिलता है। युवक को ना ही अपना नाम याद था और न ही अपने माता-पिता का। शायद युवक की किस्मत में अपनी मां से मिला लिखना था।

17 साल बाद अपनी मां से मिला युवक

25 जून को एक व्यक्ति द्वारा पुलिस कार्यालय स्थित AHTU के कार्यालय में आकर बताया कि उसे लगभग 18 से 19 साल पहले जब उसकी उम्र लगभग नौ साल थी। एक व्यक्ति द्वारा घर के पास से उठाकर राजस्थान में किसी अनजान जगह पर ले जाया गया। वहां ले जाकर व्यक्ति ने उससे भेड-बकरी चराने का काम करवाया । वर्तमान में किसी व्यक्ति की सहायता से वह देहरादून पहुंचा लेकिन उसे अपने घर का पता और परिजनो के सम्बंध में कोई जानकारी याद नही है और न ही उसे अपना असली नाम याद है।

युवक के परिजनों तक ऐसे पहुंची पुलिस

युवक ने बताया था कि उसके पिताजी की परचून की दुकान थी। घर पर उसकी मां और चार बहने थी। जिस पर पुलिस द्वारा उक्त व्यक्ति के रूकने व खाने की व्यवस्था करते हुए, सोशल मीडिया व पम्पलेट के माध्यम से उक्त व्यक्ति की जानकारी से जनपद के सभी थानो को अवगत कराते हुए अपने-अपने थाना क्षेत्रो में युवक के परिजनो की तलाश के निर्देश दिए। इसके साथ ही दैनिक समाचार पत्र के माध्यम से भी युवक से सम्बन्धित जानकारी को प्रकाशित किया गया।

समाचार पत्र में प्रकाशित खबर पढ़कर पुलिस के पास पहुंची महिला

एक जुलाई को बंजारावाला निवासी एक महिला आशा शर्मा पत्नी कपिल देव शर्मा द्वारा समाचार पत्र में प्रकाशित खबर को पढकर एएचटीयू कार्यालय में आकर जानकारी दी। महिला ने बताया कि उनके बेटे का नाम मोनू था। जो साल 2008 में घर से गायब हो गया था। परिजनों ने उत्तराखंड के साथ-साथ उत्तर प्रदेश व अन्य कई स्थानो पर युवक की काफी तलाश की। लेकिन उसका कहीं कुछ पता नहीं चला। ये सब सुनने के बाद पुलिस ने महिला को युवक से मिलवाया।

17 साल बाद मिलकर भावुक हुए मां-बेटे

बुजुर्ग महिला ने युवक से इन सभी बातों का जिक्र किया। जिस पर युवक द्वारा अपनी मां आशा शर्मा निवासी बंजारावाला की पहचान की गई। अपनी मां को 17 सालों बाद देख युवक की आंखें भर आई और युवक ने अपनी मां को गले से लगा लिया। 17 वर्षो बाद अपने खोये हुए बेटा को वापस पाकर महिला की आंखों में भी ख़ुशी के आंसू थे। जिसके बाद बुजुर्ग महिला ने देहरादून पुलिस का आभार व्यक्त किया।

Sakshi Chhamalwan

उत्तराखंड की युवा और अनुभवी पत्रकार साक्षी छम्मलवाण टीवी और डिजिटल मीडिया दोनों में कार्य का अनुभव रखती हैं। वर्तमान में वे खबर उत्तराखंड (khabaruttarakhand.com) से जुड़ी हैं। उत्तराखंड की राजनीतिक हलचल, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें और धर्म से जुड़े विषयों पर इनकी रिपोर्टिंग तथ्यपरक और गहन होती है। उत्तराखंड | TV + Digital Media खबर उत्तराखंड
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