
कैंची धाम के दर्शन के बाद उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पंतनगर एयरपोर्ट पहुंचे। जहां राज्यपाल व विवि के कुलाधिपति लेफ्टिनेंट जनरल (रिटा.) गुरमीत सिंह तथा कुलपति डॉ. मनमोहन सिंह चौहान ने उनका स्वागत किया। जिसके बाद उपराष्ट्रपति तराई भवन पहुंचे। जहां उन्होंने अपनी धर्मपत्नी डॉ सुदेश धनखड़ के साथ चंदन का पौधारोपण किया।
पंतनगर कृषि विवि पहुंचे उपराष्ट्रपति
पौधारोपण करने के बाद उप राष्ट्रपति ने नाहेप भवन में लगाए गए कृषि उत्पाद स्टालों का निरीक्षण किया व कृषि संग्रहालय का भ्रमण किया। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पंतनगर विवि के कृषि संग्रहालय का भ्रमण कर विवि के छह दशक की पूरी गाथा जानी और विवि की स्थापना, हरित क्रांति को इतिहास से जुड़ी तस्वीरों और दस्तावेजों के माध्यम से जाना।
संग्रहालय देख प्रभावित हुए उपराष्ट्रपति
कृषि महाविद्यालय के डीन डॉ. शिवेंद्र कुमार ने उप राष्ट्रपति को संग्रहालय की विशेषताएं बताई। संग्रहालय देख उपराष्ट्रपति काफी प्रभावित हुए। उप राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने पंतनगर कृषि विवि के संग्रहालय का भ्रमण करने के बाद मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा कि बदलते परिवेश में किसान अपने को तकनीकी रूप से आगे बढ़ाए।
उप राष्ट्रपति ने किसानों को दी ये सलाह
उप राष्ट्रपति ने कहा कि बढ़ती हुई अर्थव्यवस्था में किसानों को अपना योगदान देना है तो किसानों को तीन बातों के लिए वचनबद्ध होना पड़ेगा। किसानों को कृषि के साथ ही कृषि उद्योगों से जुड़ना होगा। किसान अपना उत्पाद तुरंत बेच देते हैं, जिससे उनको उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पता है और उन्हें आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ता है। इसलिए ज्यादा से ज्यादा फायदा लेने के लिए वेयर हाउसिंग बनाने की सलाह दी।
उप राष्ट्रपति ने कहा देखा जाता है कि किसान दूध और छाछ तक ही सीमित रहता है, अब समय आ गया है कि दूध से आइस क्रीम, पनीर व सभी प्रकार के दुग्ध उत्पाद तैयार कर बाजार में बेचें। उन्होंने कहा कि किसानों को आय बढ़ाने के लिए कृषि उत्पादों की ब्रैंडिंग, पैकेजिंग कर संगठित बाजार व क्लस्टरों से जुड़ना होगा ताकि वे अधिक से अधिक लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि कृषकों के योगदान से ही भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र होगा।