9 दिनों में बीजेपी छोड़कर निर्दलीय जीते, 26 साल की उम्र में विधायक बने रवींद्र की कहानी

राजस्थान में बीजेपी ने बहुमत से जीत हासिल की। कांग्रेस को सिर्फ 69 सीटों पर ही विजय मिली। राजस्थान में बीजेपी की जीत से ज्यादा एक और सीट और उसका उम्मीदवार चर्चाओं मे है। ये उम्मीदवार बाड़मेर के शिव सीट से निर्दलयी जीता है। इनका नाम है रवींद्र सिंह भाटी जो महज 26 साल की उम्र में विधायक बन गए हैं। सबसे बड़ी बात यह है कि ये पहले बीजेपी में थे लेकिन टिकट नहीं मिलने के कारण इन्होनें पार्टी को छोड़कर निर्दलीय चुनाव लड़ने का मन बनाया और कांग्रेस बीजेपी दोनों को धूल चटा दी है।
बाड़मेर के शिव सीट से विधानसभा में चुनाव जीते 26 साल के नौजवान युवक रवींद्र सिंह भाटी ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों को पछाड़ते हुए ये बड़ी जीत हासिल की है। भाजपा को ज्वाइन करने के महज 9 दिनों बाद बागी हुए रवींद्र भाटी ने अपने पहले ही चुनाव में बाजी मारी है। 26 साल में वो विधायक बन गए हैं, जबकि भारत में चुनाव लड़ने की उम्र ही 25 साल है।

वो एक कंकड़ हैं और इस बार घड़ा फोड़ देंगे
एक मीडिया रिपोर्ट में रवींद्र भाटी ने कहा था, वो एक कंकड़ हैं और इस बार घड़ा फोड़ देंगे। उन्होनें जैसा कहा था, वैसा कर भी दिया। जोधपुर से आने वाले 26 साल के इस नौजवान ने बीजेपी और कांग्रेस दोनों उम्मीदवारों के पसीने छुड़ा दिए हैं और 3950 वोटों से चुनाव जीतकर महज 26 साल की उम्र में विधायक बन गए हैं।
बीजेपी ने नहीं दिया टिकट तो हुए बागी
बता दें कि राजस्थान में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले रवींद्र सिंह भाटी ने 28 अक्टूबर को बीजेपी ज्वाइन की थी। इसके बाद वो सिर्फ 9 दिनों बाद बागी हो गए। टिकट नहीं मिलने के कारण उन्होनें पार्टी छोड़ दी और सेब के चिन्ह पर निर्दलीय चुनाव जीतकर अब विधानसभा पहुंच गए हैं।
रवींद्र भाटी का राजनीतिक करियर
बता दें कि रवींद्र भाटी ने काफी कम समय में यूनिवर्सिटी की राजनीति से विधानसभा तक का सफर तय किया है। भाटी साल 2019 से 2022 तक जोधपुर की जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे हैं। हालांकि छात्रसंघ अध्यक्ष कार्यकाल एक साल का ही होता है लेकिन कोरोना की वजह से दो साल चुनाव नहीं होने के कारण वो ही अध्यक्ष बने रहे।