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जोशीमठ भूधंसाव पर बड़ा खुलासा, इस वजह से धंस रही जमीन, सामने आई रिपोर्ट

हाईकोर्ट की सख्ती के बाद जोशीमठ भूधंसाव पर आई वैज्ञानिकों की रिपोर्ट को सरकार ने सार्वजनिक कर दिया है। जिसमें खुलासा हुआ है कि जोशीमठ में भूधंसाव की वजह जमीन के भीतर पानी के रिसाव के कारण चट्टानों का खिसकना बताई गई है।

जोशीमठ भूधंसाव की सामने आई ये वजह

जोशीमठ भूधंसाव पर वैज्ञानिक संस्थाओं की रिपोर्ट सार्वजनिक होने के बाद भूधंसाव की वजह सामने आई है। इन रिपोर्ट्स के मुताबिक मोरेन क्षेत्र यानी ग्लेशियर की ओर से लाई गई मिट्टी में जोशीमठ बसा हुआ है। जिसकी जमीन के भीतर पानी के रिसाव के कारण चट्टानों के खिसकने की बात सामने आई है और इन्हीं चट्टानों के खिसकने के कारण जोशीमठ में भूधंसाव हो रहा है।

आंतरिक क्षरण धंसाव का मुख्य कारण

वाडिया हिमालय भूविज्ञान संस्थान की रिपोर्ट के मुताबिक जोशीमठ की मिट्टी का ढांचा बोल्डर, बजरी और मिट्टी का एक जटिल मिश्रण है। यहां पर बोल्डर भी ग्लेशियर से लाई गई बजरी और मिट्टी से बने हैं। इन वोल्डरों में ज्वाइंट प्लेन हैं और यही इनके खिसकने का एक बड़ा कारण हैं।

इसके साथ ही रिपोर्ट में बताया गया है कि इस तरह की मिट्टी में आंतरिक क्षरण के कारण संपूर्ण संरचना में अस्थिरता आ जाती है। इसके बाद पुन: समायोजन होता है, जिसके परिणामस्वरूप बोल्डर धंस रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक जोशीमठ के भूधंसाव का मुख्य कारण आंतरिक क्षरण ही प्रतीत हो रहा है।

जमीन के नीचे बह रहे नाले का पानी भी है जिम्मेदार

रिपोर्ट में कहा गया है कि जोशीमठ में विस्तार के साथ ही ऊपर से बहने वाले एक प्राकृतिक नाले का बहाव बाधित हो गया है। जिस कारण नाले का पानी जमीन के नीचे भीतर ही भीतर रिस रहा है। इसके साथ ही बीते दस सालों में बदले वर्षा के पैटर्न से हुई अत्यधिक बारिश ने नुकसान को बढ़ाया है।


Yogita Bisht

योगिता बिष्ट उत्तराखंड की युवा पत्रकार हैं और राजनीतिक और सामाजिक हलचलों पर पैनी नजर रखती हैंं। योगिता को डिजिटल मीडिया में कंटेंट क्रिएशन का खासा अनुभव है।
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