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सुदर्शन पटनायक ने अमेरिका में बनाई चंद्रयान-3 की मूर्ति, ‘जय हो इसरो’ लिखकर दी बधाई

अंतरिक्ष जगत में भारत आज इतिहास रचने जा रहा है। ऐसे पूरी दुनिया को चंद्रयान-3 को चंद्रमा की सतह पर ‘साफ्ट लैंडिंग’ करने का इंतजार है। वहीं, इस खास पल पर अंतरराष्ट्रीय रेत कलाकार सुदर्शन पटनायक ने चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग के लिए अमेरिका के डेनवर, कोलोराडो में एक लघु रेत की मूर्ति बनाई है। 

रेत की मूर्ति पर लिखा जय हो इसरो

सुदर्शन पटनायक की इस मुर्ति में भारतीय झंडे के साथ ही इसरो का लोगो और चंद्रयान को चांद के पास देखा जा सकता है। इसके साथ ही उन्होनें चंद्रयान की सफल लैंडिंग के लिए कामना की और मूर्ति पर जय हो लिखा है। उन्होनें इस तस्वीर को सोशल मीडिया पर शेयर किया है, जिसमें लिखा है कि जय हो इसरो। इसके साथ ही उन्होनें शुभकामनाएं भी दी हैं। उन्होनें आगे बताया कि अमेरिका के डेनवर, कोलोराडो में मैंने एक रेत की मूर्ति चंद्रयान-3 की सफल लैंडिंग की कामना के लिए जय हो संदेश के साथ बनाई हैं।

लघु मूर्ति बनाने में लगा 45 मिनट का समय

बता दें कि सुदर्शन पटनायक को यह लघु मूर्ति बनाने में करीब 45 मिनट का समय लगा। इसके साथ ही 45 किलोग्राम रेत का इस्तेमाल किया। उन्होनें कहा कि जैसा कि मैं जैसा कि मैं फिलहाल भारत में नहीं हूं। देश से बाहर आया हूं। ऐसे में मेरा फर्ज बनता है कि जब भारत इतिहास रचने वाला हो तो मैं उन्हें शुभकामनाएं दूं।

पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित हैं सुदर्शन

बता दें, सुदर्शन पटनायक अपनी रेत कला को लेकर देश-विदेश में काफी मशहूर है। इससे पहले उन्होंने स्वतंत्रता दिवस पर एक भारत, श्रेष्ठ भारत थीम पर कलाकृति तैयार की थी। उनकी इस कला को देखने के लिए देश-विदेशों से पर्यटक आते हैं। उन्हें अपनी कलाकृतियों के लिए पद्म श्री पुरस्कार से भी नवाजा जा चुका है।

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