लाल किले में स्वतंत्रता दिवस पर कांग्रेस नेता की मुख्य कुर्सी खाली, कांग्रेस ने दी सफाई, जताया दुख

देश में 77 वें स्वतंत्रता दिवस पर पीएम मोदी ने 10 वीं बार ध्वजारोहण कर देश को संबोधित किया। इस मौके पर पक्ष-विपक्ष के नेता और सांसद लाल किले पर पहुंचे थे, लेकिन एक मुख्य कुर्सी खाली दिखाई दी। यह कुर्सी कांग्रेस के बड़े नेता की थी। जो लाल किले पर पीएम मोदी का भाषण सुनने नहीं आए।
कांग्रेस ने सफाई में कहा
बता दें कि लाल किले पर मौजूद यह खाली सीट राज्यसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की थी। वह पीएम मोदी का भाषण सुनने नहीं पहुंचे। जिससे राजनीतिक गलियारों में चर्चा शूरू हो गई। हालांकि कांग्रेस ने इस मामले पर सफाई देते हुए कहा कि खरगे को ठीक महसूस नहीं हो रहा था, इसलिए वह लाल किले पर नहीं पहुंचे।
खरगे ने किया वीडियो संदेश जारी
हालांकि इस बीच कांग्रेस नेता खरगे ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो संदेश जारी किया। उन्होनें स्वतंत्रता दिवस की हार्धिक शुभकामनाएं व बधाई दीं। उन्होनें कहा कि लोकतंत्र और संविधान हमारी देश की आत्मा है। हम यह प्रण लेते हैं कि हम देश की एकता और अखंडता के लिए प्रेम और भाईचारे के लिए, सोहार्द और सद्भाव के लिए लोकतंत्र और संविधान कायम रखेंगे। उन्होनें महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार वल्लभभाई पटेल, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, मौलाना आजाद, राजेंद्र प्रसाद, सरोजिनी नायडू और बीआर अंबेडकर जैसे स्वतंत्रता प्रतीकों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
खरगे ने जताया दुख
इस मौके पर खरगे ने कहा कि मुझे दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि आज लोकतंत्र, संविधान और स्वायत्त संस्थाएं गंभीर खतरे में हैं। आवाज को दबाने के नए-नए औजारों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि न सिर्फ सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और इनकम टैक्स के छापे पड़ रहे हैं, बल्कि चुनाव आयोग को भी कमजोर किया जा रहा है। उन्होनें कहा कि विपक्षी सांसदों का मुंह बंद करने के लिए उन्हें निलंबित किया जा रहा है। माइक बंद किया जा रहा है। भाषणों को हटाया जा रहा है।