ज्ञानवापी मामले पर वार-पलटवार, सीएम योगी के बाद औवेसी और सपा नेता ने दिया बयान

ज्ञानवापी प्रकरण में सियासी गलियारों में वार- पलटवार तेज हो गया है। सीएम योगी आदित्यनाथ ने इस मामले पर कहा कि त्रिशूल मस्जिद के अंदर क्या कर रहा है। हमने तो नही रखा। ज्योतिर्लिंग हैं देव प्रतिमाएं है। पूरी दीवारें चिल्ला चिल्ला के क्या कह रही है। वहीं उन्होनें कहा कि मुझे लगता है कि ये प्रस्ताव मुस्लिम समुदाय की ओर से आना चाहिए कि ऐतिहासिक गल्ती हुई है। उसके लिए हम चाहते हैं समाधान हो। इस बयान के बाद अब ओवैसी ने पलटवार किया है।
औवैसी का सीएम योगी पर पलटवार
एआईएमआईएम सांसद असुदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि मुख्यमंत्री जानते हैं कि इलाहाबाद हाई कोर्ट एएसआई की रिपोर्ट पर फैसला देने वाला है इसलिए उन्होनें इस तरह का बयान दिया है। जिस जगह पर 400 साल से मस्जिद है आप उसे दबाना चाहते हैं। यह इनकी सांप्रदायिकता की राजनीति है और उनका इस मामले में न्यायिक अतिरेक है।
सपा के नेता स्वामी प्रसाद का बयान
वहीं सपा पार्टी के नेता स्वामी प्रसाद मौर्या का ने कहा कि जिस दिन भारत देश आजाद हुआ, उस दिन सभी तीर्थ धर्मस्थलों की यथास्थिति को स्वीकार करना चाहिए। जो लोग उसके इतर जाकर मस्जिद में मंदिर खोजने का दुस्साहस कर रहे हैं वहीं लोग विवाद को आगे बढ़ने का रास्ता तैयारक कर रहे हैं।
दिल्ली के पूर्व विधायक ने कहा
इस मामले पर दिल्ली के पूर्व विधायक कपिल मिश्रा ने कहा कि किसी भी देश में शांति तभी होगी, जब सत्य स्वीकार किया जाएगा। उन्होनें कहा कि समाज का एक वर्ग ज्ञानवापी के सच को स्वीकार नहीं कर रहा है।