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आखिर क्या था उस लाल डायरी में, कौन से राज जिससे डरी गहलोत सरकार, पूर्व मंत्री को सदन में मारा धक्का

राजस्थान में अपनी ही सरकार को घेरने के बाद मंत्री पद से बर्खास्त हुए राजेंद्र गुढ़ा सोमवार को विधानसभा  सदन में लाला डायरी को लेकर गए। वहां उन्होनें कहा कि मुझे बोलने दिया जाय। इस पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सीपी जोशी ने उनसे कई बार कहा कि ‘कम टू माय चेंबर’ यहां सदन में नहीं बोलने दिया जाएगा, आप मुझे डिक्टेट नहीं कर सकते। आप चेंबर में आइए। लेकिन इस पर गुढ़ा तैयार नहीं हुए जिसके बाद उन्हें विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर धक्के देकर सदन से बाहर किया गया और सदन की कार्रवाई स्थगित कर दी गई।

लाल डायरी में सरकार के काले राज

वहीं बर्खास्त हुए राजेंद्र गुढ़ा ने बाहर आकर कहा कि उनके पास लाल डायरी में सरकार के काले कारनामें है जिसका वो जल्द खुलासा करेंगे। वहीं उन्होनें सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सदन से धक्के मारकर बाहर निकाला गया और उनकी डायरी का आधा हिस्सा उनसे छीन लिया गया।

लाल डायरी में क्या है- भाजपा नेता

वहीं पूरे मामले को लेकर राजस्थान में विपक्ष के उपनेता और भाजपा नेता सतीश पूनिया ने कहा कि यह कांग्रेस की सरकार सिर्फ चेहरा बचाने के लिए विधानसभा में आती है। इस सरकार ने कई झूठ बोले हैं। राजस्थान के लोग जानना चाहते हैं कि इस लाल डायरी में क्या है जिसे बर्खास्त मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा विधानसभा में पेश कर कई खुलासे करने जा रहे थे।

राजेन्द्र गुढ़ा ने सरकार पर लगाए आरोप

वहीं पूर्व मंत्री राजेन्द्र गुढ़ा ने सरकार पर कई तरह के आरोप लगाते हुए कहा कि लगभग 50 लोगों ने मुझपर हमला किया और मुझे मुक्का मारा, लात मारी और कांग्रेस के नेताओं ने मुझे विधानसभा से बाहर खींच लिया। वहीं उन्होनें कहा कि मुझपर कांग्रेस आरोप लगा रही है कि मैं बीजेपी के साथ हूं। लेकिन उन्होनें कहा कि मैं जानना चाहता हूं कि मेरी गल्ती क्या है। वहीं गुढ़ा ने यह भी आरोप लगाया कि मुझे फोन कर धमकी दी गई थी कि आज सदन में न आएं वरना मुझे जेल भेज दिया जाएगा।   

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