National

छात्रों के आत्महत्या करने पर दुखी हुई राष्ट्रपति मुर्मु, उच्च शिक्षण संस्थाओं से कहा छात्रों के प्रति दें अधिक ध्यान

राष्ट्रपति भवन में आयोजित दो दिवसीय विजिटर कान्फ्रेंस में राष्ट्रपति मुर्मु आत्महत्या करने वाले छात्रों के लिए चिंतति दिखाई दी। उन्होनें कहा कि उच्च शिक्षण संस्थाओं से छात्रों के आत्महत्या करने की घटनाएं काफी विचलित करने वाली और हृदय विदारक हैं। यह घटनाएं पूरे शिक्षा जगत के लिए चिंता का विषय है।

बता दें कि सोमवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित दो दिवसीय विजिटर कान्फ्रेंस को संबोधित कर रही थीं। इस दौरान सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपति सहित देश के 162 शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुख भी मौजूद थे। उन्होंने इस मौके पर उच्च शिक्षण संस्थानों के प्रमुखों से कहा कि उच्च शिक्षण संस्थानों को उनके प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की वजह से ही विश्वस्तरीय प्रतिष्ठा प्राप्त हुई है। लेकिन शिक्षण संस्थाओं से छात्राओं के आत्महत्या करने की घटनाएं काफी दुखद है। उन्होनें कहा कि सभी संस्थानों को ऐसे छात्रों को समझने और सहारा देने की जरूरत है जो तनाव, अपमान और उपेक्षा जैसी कई तरह की समस्याओं से ग्रसित हैं।

छात्रों के प्रति संवेदनशील माहौल बनाएं

राष्ट्रपति मुर्मु ने इस मौके पर वर्ष 2019 की रिपोर्ट का हवाला देते बताया कि आइआइटी जैसे शीर्ष उच्च शिक्षण संस्थानों में दो वर्षों के दौरान लगभग 2,500 छात्रों ने पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी थी। उन विद्यार्थियों में लगभग आधे आरक्षित वर्गों से थे। इसी तरह आइआइटी में भी करीब 100 छात्रों ने बीच में ही पढ़ाई छोड़ दी थी। इनमें भी अधिकांश आरक्षित वर्ग से थे। मुर्मु ने उच्च शिक्षण संस्थानों से कहा कि वह उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज से आने वाले छात्रों के प्रति संवेदनशील माहौल बनाएं।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें