National

कौन है सिद्धारमैया? वकालत से राजनीति का सफर, बने दूसरी बार सीएम, जानें कर्नाटक के मुख्यमंत्री की कहानी

कर्नाटक में 30 वें मुख्यमंत्री के रूप में सिद्धारमैया ने आज शपथ ले ली है। अब राज्य की जिम्मेदारी सिद्धारमैया के कंधो पर है। आइये जानते हैं कौन है सिद्धारमैया और क्या है उनका राजनीतिक सफर

राजनीति से पहले वकील थे सिद्धारमैया

12 अगस्त 1948 को जन्मे सिद्धारमैया का जन्म 12 अगस्त 1948 को हुआ था। मैसूर विश्वविद्यालय से उन्होनें बीएससी की डिग्री ली और बाद में वहीं से कानून की पढ़ाई की। राजनीति में आने से पहले सिद्धारमैया वकालत करते थे।

1983 में पहली बार लड़ा चुनाव

सिद्धारमैया  ने 1983 में  चामुंडेश्वरी निर्वाचन क्षेत्र से भारतीय लोकदल के टिकट पर चुनाव लड़कर पहली बार कर्नाटक विधानसभा में प्रवेश किया। वह इस निर्वाचन क्षेत्र से पांच बार जीते और तीन बार उन्हें हार का सामना भी करना पड़ा।

1996 में उपमुख्यमंत्री का संभाला पद

सिद्धारमैया ‘कन्नड़ कवलू समिति’ के पहले अध्यक्ष थे। यह एक निगरानी समिति थी जिसे रामकृष्ण हेगड़े के मुख्यमंत्री रहने के दौरान कन्नड़ को आधिकारिक भाषा के रूप में कार्यान्वयन करने की जिम्मेदारी मिली थी। बाद में वे पशुपालन और पशु चिकित्सा मंत्री भी बने। 1992 में, सिद्धारमैया को जनता दल के महासचिव के रूप में नियुक्त किया गया था। 1994 में वे देवेगौड़ा के नेतृत्व वाली जनता दल सरकार में वित्त मंत्री बने और बाद में 1996 में उपमुख्यमंत्री के रूप में काम किया। हालांकि, उन्हें 1999 में मंत्रिमंडल से बर्खास्त कर दिया गया जिसके बाद वे जनता दल में शामिल हो गए।

2006 में हुए कांग्रेस में शामिल

साल 2006 में सिद्धारमैया कांग्रेस में शामिल हो गए। कांग्रेस में शामिल होने से पहले सिद्धारमैया जनता दल के कई गुटों के सदस्य रह चुके थे।

2013 में बने कर्नाटक के सीएम

साल 2013 से 2018 के बीच सिद्धारमैया ने कर्नाटक के मुख्यमंत्री के रूप में अपनी सेवा दी। वह बीते 40 साल में पहले व्यक्ति बने थे जिन्होंने पूरे पांच साल का कार्यकाल पूरा किया था। हालांकि, साल 2018 के चुनाव में वह मुख्यमंत्री होने के बावजूद मैसूर के चामुंडेश्वरी सीट से जेडी (एस) के जी टी देवगौड़ा से चुनाव हार गए थे, लेकिन उन्होंने बादामी सीट से जीत हासिल की थी।

कुरुबा समुदाय से है ताल्लुकात

सिद्धारमैया कर्नाटक के कुरबा समुदाय से ताल्लुकात रखते हैं। यह राज्य में आबादी के हिसाब से तीसरा सबसे बड़ा समुदाय है। सिद्धारमैया हमेशा कांग्रेस की विचारधारा को मानते आए हैं। इस चुनाव से पहले ही उन्होंने घोषणा की थी कि यह उनका आखिरी चुनाव है। इस चुनाव में उनकी पार्टी कांग्रेस को जीत हासिल हुई और उन्हें राज्य में सीएम बनने का अवसर प्राप्त हुआ है।

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें