केरल की वंदे भारत एक्सप्रेस पर पहली बार लगी फोटो, जानें फोटो लगाने की खास वजह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल दौरे के अपने दूसरे दिन तिरुवनंतपुरम सेंट्रल रेलवे स्टेशन से वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। यह केरल की पहली और देश की 16वीं वंदे भारत एक्सप्रेस है। केरल वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन के इंजन में चीते का फोटो लगाया गया है।
चीते के फोटो लगाने की खास वजह
भारतीय रेलवे मंत्रालय ने ट्रेन पर चीते की फोटो लगाने के पीछे की खास वजह बताई है। उनका कहना है कि चीता धरती पर सबसे तेज दौड़ने वाला जानवर है। यानी वह गति का संकेत है और भविष्य में आने वाली वंदे भारत ट्रेन चीते की स्पीड से दौड़ेंगी, जो देश की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन बनेंगी। इसी वजह से इसके इंजन में चीते की फोटो लगाई गई है। भविष्य में आने वाली सभी वंदे भारत ट्रेनों में चीते की फोटो लगाई जाएगी। इसके अलावा इस ट्रेन में और भी कई खासियत हैं, जो पिछली 15 वंदे भारत से इसको कई मायनों में अलग बनाती है।
इस वंदेभारत ट्रेन में है कई बदलाव
केरल के तिरुवनंतपुरम और कासरगोड के बीच चलने वाली इस वंदेभारत में कुछ बदलाव भी किए गए हैं। पूर्व में चल रही एग्जीक्यूटिव क्लास में सीटों की चौड़ाई अधिक थी। इस वजह से यात्रियों को निकलने में असुविधा होती थी। लोगों की परेशानी को ध्यान में रखते हुए इस वंदे भारत के एग्जीक्यूटिव क्लास में दोनों ओर लगी सीटों के बीच की चौड़ाई कम कर दी गई् है। इससे यात्री आराम से एक ओर से दूसरी ओर निकल सकेंगे।
वंदे भारत एक्सप्रेस देश की पहली सेमी हाई स्पीड ट्रेन है, जिसकी अधिकतम स्पीड 160 किलोमीटर/घंटा है। यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन और निर्मित की गई है, जिसमें 80 फीसदी उत्पादों को स्वदेशी बनाया गया था। ये ट्रेनें अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें जीपीएस आधारित सूचना सिस्टम, सीसीटीवी कैमरे, वैक्यूम आधारित बायो टॉयलेट, ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर और हर कोच में चार आपातकालीन पुश बटन हैं।