National

जिस होटल में रुके थे अतीक के हत्यारे, SIT पहुंची वहां, मोबाइल बरामद, सेव हैं कई नंबर

अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के हत्याकांड की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) शनिवार को उस होटल तक पहुंच गई जहां तीनों हमलावर ठहरे थे। एसआईटी को रूम नंबर 203 से दो मोबाइल बरामद हुए हैं। हालांकि उनमें सिम नहीं है। एसआईटी ने होटल से एक अप्रैल से 15 अप्रैल के बीच आए सभी गेस्ट की लिस्ट, आईडी और एंट्री बुक अपने कब्जे में ली है। डीवीआर भी कब्जे में लिया है।

मोबाइल में सेव हैं कई लोगों के नंबर

बताया जा रहा है कि मोबाइल में कई लोगों के नंबर सेव हैं। संभावना है कि एसआईटी को जांच में मोबाइल और अन्य साक्ष्य जांच में अहम मदद करेंगे। कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, शूटर लवलेश तिवारी, सुमित उर्फ सनी सिंह और अरुण मौर्या ने सरेंडर के बाद पूछताछ में बताया था उन्होंने बस अड्डे और स्टेशनों पर रात गुजारी थी। हालांकि जब उन्हें रिमांड पर लिया गया और कड़ाई से पूछताछ की गई तो सभी टूट गए। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन और खुल्दाबाद थाने के बीच स्थित होटल स्टे इन में कमरा लिया था। हत्याकांड से पहले उन्होंने अपना-अपना सिम मोबाइल से निकालकर फेंक दिया था। एक शख्स से बाइक भी मांगी थी, लेकिन नहीं मिली तो ई-रिक्शा से अतीक-अशरफ की रेकी करते थे।

हमलावरों ने बुक कराया था कमरा

प्रयागराज के होटल के कर्मचारी मोहित श्रीवास्तव ने बताया कि तीनों हमलावर कमरा नंबर 203 में रुके थे। उन्होंने अपनी-अपनी आईडी भी दी थी। पुलिस छापेमारी करने आई थी। उन्हें जो भी रिकॉर्ड मिला है, उसे अपने साथ लेकर गई है। हमलावर 13 अप्रैल को होटल में ठहरने आए थे।

इन तीनों ने मारी थी गोली

उमेश पाल हत्याकांड के सिलसिले में पुलिस हिरासत में रहे अतीक और उसके भाई दोनों को पिछले शनिवार की रात पत्रकार बनकर तीन लोगों ने नजदीक से गोली मार दी थी। घटना होने पर उन्हें नियमित चिकित्सा जांच के लिए प्रयागराज के एक मेडिकल कॉलेज में ले जाया जा रहा था। हत्यारों को हिरासत में लिया गया है और उनकी पहचान अरुण मौर्य, लवलेश तिवारी और सनी के रूप में की गई। 

Back to top button
उत्तराखंड की हर खबर
सबसे पहले पाने के लिए!
📱 WhatsApp ग्रुप से जुड़ें