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उत्तराखंड बिग ब्रेकिंग : चुनाव तो हारे लेकिन एक लंबी लड़ाई जीते ठुकराल, हत्या से जुड़ा है मामला

रुद्रपुर : पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल चुनाव हार गए हैं लेकिन वो एक लंबी लड़ाई को जीत गए हैं। जी हां बता दें कि ठुकराल को न्यायालय ने 11 साल पुराने मामले दंगे के दौरान हत्या और लूटपाट के मामले में बड़ी राहत दी गई है। बता दें कि उन्हें बरी कर दिया गया है। विपक्षी उनके खिलाफ कोई सुबूत पेश नहीं कर पाए। तृतीय अपर जिला जज रजनी शुक्ला ने सुनवाई के बाद गुरुवार को अपना फैसला सुनाया।

मामला 2 अक्टूबर 2011 का है। ये दिन रुद्रपुर के इतिहास में काले दिन के रुप में दर्ज किया गया था। धार्मिक पुस्तक को लेकर सांप्रदायिक तनाव ने देखते ही देखते दंगे का रूप ने लिया था। सड़कों पर उपद्रवियों का शोर था और रुद्रपुर में कई दिनों तक कर्फ्यू लगा था। इसी मामले में सुहेल अहमद के प्रार्थना पत्र पर न्यायालय के आदेश पर 28 अप्रैल, 2012 को रुद्रपुर के तत्कालीन भाजपा विधायक राजकुमार ठुकराल के खिलाफमुकदमा दर्ज किया था. सुहेल अहमद ने ठुकराल समेत अन्य लोगों पर समुदाय विशेष की दुकानों को निशाना बनाने के साथ ही उसके सब्जी लेने जाने के दौरान रास्ते में मंजूर इलेक्ट्रिकल के पास जसी नाम के व्यक्ति को गोली मार हत्या करने और उसे गोली मार कर घायल करने का आरोप लगा था।

आरोप था हथियारों से लैस उपद्रवियों की अगुवाई राजकुमार ठुकराल कर रहे थे। तृतीय अपर जिला जज रजनी शुक्ला ने सुनवाई के बाद 23 फरवरी को आदेश सुरक्षित रख लिया था। गुरुवार को अपना फैसला सुनाते हुए पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल व एक अन्य आरोपित पंकज कालरा को बरी कर दिया। आपको बता दें कि उस दौरान ठुकराल को पुलिस से बचने के लिए ठिकाने बदलने पड़े थे. वो दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर थे। उनका रंग रुप बदल गया था. उस दौरान वो जब बढ़ी हुई दाढ़ी में विधानसभा भवन देहरादून पहुंच कर अपनी उपस्थिति दर्ज करवाने आए तो कोई भी उनको पहचान नहीं पाया था।

इस मामले पर पूर्व विधायक राजकुमार ठुकराल का कहना है कि 11 साल के संघर्ष के बाद न्याय मिला है। साजिश के तहत हत्या का मुकदमा उनके खिलाफ लिखवाया गया था। न्यायालय के निर्णय ने दूध का दूध पानी का पानी कर दिया है।

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