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6 KM की खड़ी चढ़ाई से छुटकारा, खरसाली से यमुनोत्री पहुंचने के लिए लगेंगे सिर्फ 9 मिनट

ROPE WAY IN KHARSALI

देहरादून : उत्तराखंड में चारधाम यात्रा सुगम और आसान होती जा रही है। अब यमुनोत्री धाम तक पहुंचना श्रद्धालुओं के लिए आसान होगा। जी हां बता दें कि यमुनोत्री धाम का सफर अब भक्त 9 मिनट में तय कर सकेंगे वो भी खरसाली से यनुनोत्री तक। जी हां इसके लिए उत्तराखंड सरकार खरसाली से यमुनोत्री तक रोपवे निर्माण की कवायद तेज करने जा रही है। साढ़े तीन किलोमीटर लंबे इस रोपवे के बनने पर श्रद्धालु सिर्फ 9 मिनट में धाम तक पहुंच सकेंगे।

आपको बता दें कि अभी तक खरसाली से यमुनोत्री धाम तक जाने के लिए 6 किलोमीटर की खड़ी चढ़ाई तय करनी पड़ती थी जिसमे 3 घंटे से ज्यादा का समय लग जाता था। और अगर बरसात हो तो चढ़ना रिस्की भी होता है। लेकिन अब ये 3 घंटे का सफर महज 9 मिनट में पूरा होगा। सरकार खरसाली से यमुनोत्री तक रोपवे का निर्माण कराने जा रही है। इस रौपवे की लागत 183 करोड़ रुपये हैं। इस रोपवे परियोजना के लिए पर्यटन विभाग जल्द ही एक फर्म के साथ एग्रीमेंट की कार्रवाई करने जा रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लंबित रोपवे परियोजनाओं के कार्य में तेजी लाने के निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। इसी कड़ी में यमुनोत्री रोपवे को लेकर कसरत तेज की गई है। आपको बता दें कि सबसे पहले यमुनोत्री में रोपवे ले जाने की कवायद 2008 में शुरु की गई थी लेकिन ये कवायद सिर्फ बातों तक सीमित रह गई। साल 2010 में फिर पहल हुई और रोपवे निर्माण का जिम्मा एक फर्म को सौंपा गया। खरसाली में रोपवे के लिए चार हेक्टेयर भूमि ग्रामीणों ने पर्यटन विभाग को दी। साल 2014 में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने इसके लिए अनापत्ति जारी की। बाद में यात्रियों की आवाजाही कम होने की बात कहते हुए फर्म ने रोपवे निर्माण से हाथ खींच लिए तब से मामला अटका हुआ है।

सचिव पर्यटन दिलीप जावलकर के अनुसार जून 2013 में आई आपदा और पिछले साल कोरोना संकट से निबटने के बाद इस बार कम समय में ही चारधाम यात्रा ठीक चली है तो इससे निवेशकों का विश्वास बढ़ा है। एक फर्म ने यमुनोत्री रोपवे के निर्माण में रुचि ली है और अब उससे एग्रीमेंट की कार्रवाई चल रही है।उन्होंने बताया कि पूर्व में जिस फर्म को कार्य दिया गया था, उसके देयकों आदि का मामला लगभग निस्तारित होने को है। अब रोपवे निर्माण के मद्देनजर पूर्व में बनाई गई कंपनी नई फर्म को सौंपी जाएगी। कोशिश है कि पीपीपी मोड में बनने वाली यमुनोत्री रोपवे परियोजना पर इसी वित्तीय वर्ष में कार्य शुरू हो जाए। इस रोपवे से श्रद्धालुओं को धाम तक पहुंचने में आसानी होगी।

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