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उत्तराखंड : गुनगुन की कहानी ‘मेरे पिता’ पढ़कर भावुक हुए शिक्षक, लिख डाली आपबीती, सरकार को बड़ा संदेश

pauri ki gungun

पौड़ी गढ़वाल : पौड़ी गढ़वाल की एक छात्र की कहानी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है जिसे पढ़कर उसके शिक्षक समेत लोग भी भावुक हो गए। इस बच्ची का नाम है गुनगुन…जिसकी कहानी जमकर वायरल हो रही है। बच्ची ने अपनी कहानी के जरिए देश राज्य और समाज समेत सफेदपोश नेताओं को बड़ा संदेश दिया है और अपनी समेत कई घरों की पीड़ा सुनाई है।

पौड़ी गढ़वा की गुनगुन ने दिया सरकार और समाज को बड़ा संदेश

दरअसल हुआ यूं कि पौड़ी गढ़वाल के च्वींचा गांव स्थित राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक ने पांचवीं कक्षा के छात्र-छात्राओं को कहानी लिखने के लिए कहा था लेकिन एक छात्रा ने इस शीर्षक पर ऐसी कहानी लिखे जिसे देख शिक्षक भी भावुक हो गए। कहानी में छात्रा ने अपने पिता की शराब की लत से हुई परेशानियों और उनके शराब छोड़ने के बाद परिवार में लौटी खुशहाली के बारे में बताया। छात्रा गुनगुन अब इस कहानी को प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को भेजकर देश एवं प्रदेश में शराब पूरी तरह बंद करने आग्रह करने जा रही है।

राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय की छात्रा है गुनगुन

आपको बता दें कि गुनगुन का स्कूल मंडल मुख्यालय के पास स्थित च्वींचा गांव में है जिसका नाम राजकीय आदर्श प्राथमिक विद्यालय। गुनगुन पांचवीं कक्षा की छात्रा है। बीती 20 जुलाई को शिक्षक सरोज मैठाणी ने कक्षा में छात्र-छात्राओं को घर के लिए काम दिया और एक कहानी लिखकर लाने को कहा। अगले दिन सभी छात्र-छात्राएं कुछ न कुछ लिख कर लाए। लेकिन, जब शिक्षक ने गुनगुन की कहानी पड़ी तो उनकी आंखों में आंसू आ गए। गुनगुन ने ‘मेरे पिता’ शीर्षक से कहानी लिखी थी, जो उसके परिवार की कहानी थी।

शिक्षक हुए भावुक

शिक्षक सरोज ने गुनगुन की कहानी अन्य शिक्षकों को भी पढ़ाई तो वे भी भावुक हो गए। गुनगुन ने इस कहानी में अपने पिता की शराब की लत से परिवार की हुई परेशानियों को बयां किया है. गुनगुन की कहानी से ये साफ होता है कि परिवार में किसी एक के ही शराब की लत से पूरा बचपन और परिवार बिखर जाता है। कहानी के अंत में गुनगुन ने लिखा कि शराब बेहद बुरी चीज है, इसलिए वह इसे बंद करने के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को अपनी कहानी भेजेगी।

गुनगुन ने इस ढंग से लिखी कहानी

काफी साल पुरानी बात है, एक गांव का च्वींचा। इस गांव की एक लड़की थी, जिसकी पांच बहनें थीं। उस लड़की का नाम था गुनगुन। उसके पापा बहुत शराब पीते थे। मां बेचारी घर-घर काम कर अपनी बेटियों का लालन-पालन करती थी। एक दिन उसकी मां को भोजन माता की नौकरी मिल गई। लेकिन, एक दिन गुनगुन के पापा ने इतनी शराब पी कि उनकी तबीयत बेहद बिगड़ गई। गुनगुन की मौसी ने गुनगुन की मां को फोन किया, लेकिन मां पिता को लेकर अस्पताल नहीं गई। तब गुनगुन की दादी और मौसी-मौसा पापा को लेकर अस्पताल पहुंचे। कुछ दिन बाद गुनगुन के पापा की तबीयत ठीक होने पर उन्हें अस्पताल से छुट्टी मिल गई। इसके बाद गुनगुन के पापा ने कभी शराब नहीं पी। अब गुनगुन का पूरा परिवार खुशी-खुशी रहता है। एक ‘हैप्पी फैमिली’ जैसे।

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