

हरिद्वार: कुंभ में कोरोना की फर्जी जांच मामले में बड़ी खबर है। इस मामले जांच कर रहे अधिकारी ने अब जांच को आगे बढ़ाने इनकार कर दिया है। जांच के लिए नामित अधिकारी के इनकार करने के बाद अब सरकार के सामने भी एक चुनौती खड़ी हो गई है। इससे जांच में भी देरी हो सकती है। हालांकि, अभी साफ नहीं है कि सरकार इस पर एक्शन लेती है।
महाकुंभ के दौरान की गई कोरोना जांचों में बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आई थी। हरिद्वार के मुख्य विकास अधिकारी ने मामले की जांच कर जो रिपोर्ट शासन को भेजी उसने वित्तीय गड़बड़ियों की पुष्टि कर दी। विधानसभा के मानसून सत्र में सरकार ने महाकुंभ के दौरान बनाए गए स्वास्थ्य मेलाधिकारी और अपर मेलाधिकारी को सस्पेंड कर दिया था।
स्वास्थ्य निदेशक डॉ.एसके गुप्ता को मामले की विभागीय जांच के निर्देश दिए थे। डॉ.गुप्ता ने जांच से इनकार कर दिया है। डॉ.गुप्ता का कहना है कि उनका सितंबर में ही रिटायरमेंट है। ऐसे में इस कम अवधि में मामले की पूरी जांच कर पाना संभव नहीं होगा।
उन्होंने शासन को इस संबंध में अवगत करा दिया है। विभागीय जांच में निलंबित अफसरों को आरोप पत्र दिए जाने थे व उनके जबाव के आधार पर ही विभागीय कार्रवाई शुरू होनी है। अब जांच अधिकारी के इनकार के बाद मामले के लटकने की आशंका बढ़ गई है।