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देहरादून : शिक्षक पति की हत्या के आरोप में पत्नी और पुलिसकर्मी प्रेमी को उम्रकैद

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देहरादून : शिक्षक पति की हत्या के मामले में अपर जिला जज चतुर्थ चंद्रमणि राय की अदालत ने मृतक की पत्नी और उसके पुलिसकर्मी प्रेमी को उम्रकैद की सजा सुनाई है। इतना ही नहीं दोनों पर कोर्ट ने 35-35 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। महिला अपने पति से नफरत करती थी। नफरत इतनी की पति की हत्या के बाद उसने अपनी जेठानी को फोन करके कहा कि उसने एक राक्षस को मरवा दिया है।

2018 का है मामला

आपको बता दें कि मामला 2018 का है। कोर्ट ने दोनों को 31 अगस्त को दोषी माना था लेकिन दोनों को गुरुवार को सजा हुई। जून, 2018 की रात पुलिस को रिंग रोड स्थित कृषि भवन के पास एक कार में व्यक्ति का शव मिला था। शव की पहचान किशोर चौहान निवासी रायपुर के रूप में हुई थी जो की शिक्षक थे। रायपुर थाना पुलिस ने 16 जून, 2018 को मृतक के भाई डालनवाला निवासी आनंद सिंह चौहान की तहरीर पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच की थी। बता दें कि मृतक किशोर चौहान देवप्रयाग स्थित राजकीय इंटर कालेज, सजवाण काडा में शिक्षक थे। कार से शराब की बोतलें भी मिली थीं।पहले पुलिस मान रही थी कि अधिक शराब पीने के कारण शिक्षक की मौत हुई है, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि शिक्षक की गला घोंटकर हत्या की गई है।

स्नेहलता राजकीय इंटर कालेज, शिवालीधार में गणित की अध्यापिका थी

पुलिस ने सीसीटीवी खंगाले तो सामने आया कि शिक्षक की कार में एक व्यक्ति बैठा हुआ था। पुलिस ने 17 जून 2018 को सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल के आधार पर हत्या के आरोप में किशोर चौहान की पत्नी स्नेहलता और हरिद्वार में तैनात पुलिसकर्मी प्रेमी को गिरफ्तार कर किया था। स्नेहलता राजकीय इंटर कालेज, शिवालीधार में गणित की अध्यापिका थी। पूछताछ में स्नेहलता ने बताया कि वह अमित पार्ले को पहले से जानती थी और दोनों के बीच प्रेम संबंध थे। वह एक बार देहरादून के एक होटल में भी ठहरे थे। पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई थी।  15 जून, 2018 को कार में सवार हो गए। आराघर के पास स्नेहलता तो गाड़ी से उतर गई, लेकिन अमित शराब पीने के लिए किशोर चौहान के साथ रिंग रोड तक गया। यहां जब किशोर को ज्यादा नशा चढ़ गया तो अमित ने गला दबाकर उनकी हत्या कर दी। मुकदमे में कुल 36 गवाह और 100 से अधिक दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत किए गए हैं।

अधिवक्ता जोशी ने बताया कि घटना में एक सिम का इस्तेमाल हुआ था। उस नंबर से 15 जून को स्नेहलता को फोन किया गया था। जब फोन की डिटेल और लोकेशन खंगाली गई तो उसकी लोकेशन हरिद्वार से देहरादून और देहरादून से हरिद्वार पाई गई। इसके बाद स्नेहलता ने खुद भी कबूल किया था कि पति की हत्या उसी ने ही करवाई है।

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